उत्पादन करने वाले दुधारू पशुओं के लिए गर्मी का मौसम कई वजह से नुकसानदायक होता है. तापमान बढ़ने से पशुओं की खुराक कम हो जाती है. दूध उत्पादन कम हो जाता है. पशु हीट स्ट्रोक और हीट स्ट्रेस की चपेट में भी आ जाता है. गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (गडवासु), लुधियाना के एनिमल साइंटिस्ट की मानें तो इस तरह के मौसम को देखते हुए एनिमल शेड मैनेजमेंट, पानी का इस्तेमाल, फीड और फोडर मैनेजमेंट में बदलाव और हैल्थ मैनेजमेंट करने के साथ-साथ पशुओं के तनाव को कम करने की जरूरत पर ध्यान देना चाहिए.
तनाव को कम करने के लिए अच्छे फीड मैनेजमेंट को अपनाना चाहिए. गर्मी के चलते खुराक कम हो जाती है तो शरीर में एनर्जी लेवल को बनाए रखने के लिए बाइपास और प्रि र्जव फैट का इस्तेमाल किया जा सकता है. गर्मी के दौरान पशुपालन में किए जाने वाले बदलाव के लिए एनिमल एक्सपर्ट और साइंटिस्ट के बताए टिप्स पर ही काम करना चाहिए.
साइंटिस्ट डॉ. यशपाल सिंह के टिप्स
- डेयरी पशुओं को शेड में खड़े होने और आराम करने की जगह दें.
- पशुओं के लिए हवादार शेड का इंतजाम करना चाहिए.
- शेड के खुले सिरे को छप्पर, जूट, पर्दों से ढक देना चाहिए.
- शीट की छत को भी छप्पर से ढका जा सकता है.
- एनिमल शेड की छत सफेद और नीचे के हिस्से को गहरे रंग से रंग दें.
- शेड को ठंडा रखने के लिए दक्षिणी दीवार के किनारे पेड़ लगाएं.
- एनिमल शेड में पीने के साफ और स्वच्छ पानी का इंतजाम रखें.
- सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक 3-4 बार पशुओं पर पानी छिड़कना चाहिए.
- शेड में पानी की बौछार, छिड़काव और फॉगिंग करने से गर्मी कम होती है.
- भैंस हैं तो उन्हें सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक तालाब में नहाने का मौका दें.
- मुमकिन हो तो शेड में पंखे, गीले पर्दे या पैनल, कूलर का इस्तेमाल करें.
साइंटिस्ट डॉ. जसपाल सिंह हुंदल के टिप्स
- पशुओं में गर्मी का तनाव और उससे होने वाले नुकसान को अच्छी खुराक से कम करें.
- गर्मियों के दौरान पशुओं की खुराक कम हो तो बाइपास और प्रिजर्व फैट का इस्तेमाल करें.
- पशुओं की खुराक में मक्का सिलेज, बरसीम घास और ताजा हरा चारा इस्तेमाल करें.
- खनिज संतुलन बनाए रखने के लिए खमीर, सोडियम बाइकार्बोनेट, इलेक्ट्रोलाइट्स और पर्याप्त पोटेशियम, सोडियम और मैग्नीशियम मददगार होता है.
- नम टीएमआर दें और शाम-रात के घंटों के दौरान 60-70 फीसद राशन खिलाएं.
पशुपालकों के लिए डॉ. परमजीत कौर के टिप्स
- पशुओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए डीवार्मिंग और वैक्सीनेशन कराएं.
- गर्मियों के दौरान एक्टो-परजीवियों का संक्रमण बढ़ जाता है.
- परजीवियों से बचाव के लिए पशुओं संग शेड में एसारिसाइडल स्प्रे कराएं.
- एनिमल शेड में जैव सुरक्षा का पालन बहुत जरूरी है, दवा का छिड़काव करें.
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