
लखनऊ में 15-16 अप्रैल को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जुटेंगे देशभर के एक्सपर्टउत्तर प्रदेश में पहली बार पोल्ट्री सेक्टर को लेकर बड़े स्तर पर कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है. राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 15 और 16 अप्रैल को इस कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा. प्रदेश के पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ मेमपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहली बार पोल्ट्री सेक्टर का इतना बड़ा आयोजन हो रहा है. जिसका मकसद किसानों की आय बढ़ाना है. उन्होंने बताया कि यूपी में रोजाना करीब 3.5 करोड़ अंडों की खपत होती है. जबकि उत्पादन सिर्फ 2 करोड़ अंडों का ही हो पाता है. यानी करीब 1.5 करोड़ अंडे तेलंगाना समेत अन्य प्रदेशों से मंगावाना पड़ता हैं. पोल्ट्री कॉन्क्लेव का उद्घाटन प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री करेंगे. इस अवसर पर पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहेंगे.
डॉ मेमपाल सिंह के मुताबिक, 2013 में पहली बार पोल्ट्री पॉलिसी लागू हुई थी. वहीं 2022 में इसमें सुधार कर नई पॉलिसी लाई गई थी. अब योगी सरकार किसानों को न्यूनतम 7% सब्सिडी, फ्री बिजली और अन्य सुविधाएं दे रही है. उन्होंने बताया कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि इस कॉन्क्लेव के जरिए पोल्ट्री इंडस्ट्री को मजबूत किया जाए और उत्पादन बढ़ाकर मांग-आपूर्ति के अंतर को खत्म किया जा सके, जो आने वाले दो साल के अंदर अंडे का उत्पादन प्रतिदिन 3.5 करोड़ से अधिक किया जाएगा. निदेशक पशुपालन ने बताया कि उत्तर प्रदेश की सरकार राज्य को पोल्ट्री हब बनाना चाहती है. इसके लिए जरूरी है कि ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों में मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया जाए.
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ मेमपाल सिंह ने आगे बताया कि इससे सीधे तौर पर किसानों को भी फायदा होगा और राज्य में अंडा उत्पादन बढ़ने से दूसरे राज्यों पर से निर्भरता भी कम होगी. साथ ही मीट प्रोडक्शन बढ़ने से भी फायदा मिलेगा. इसके लिए पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश तैयारियां पूरी कर ली है.

उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन बिल्कुल फ्री है. ज्यादा जानकारी लेने के लिए uppoultrypolicy2022@gmail.com और 9412674414, 8279376749, 9451522696 पर संपर्क कर सकते हैं. आपको बता दें कि इस पूरे इवेंट का आयोजक पशुपालन विभाग है लेकिन पोल्ट्री इंडिया को इसका समर्थन भी हासिल है.
उदय सिंह ब्यास, अध्यक्ष, आईपीईएमए-पोल्ट्री इंडिया ने बताया कि इस कॉन्क्लेव के जरिए उत्तर प्रदेश के पोल्ट्री सेक्टर में एक बड़ी क्रांति आएगी. उन्होंने कहा कि इस मंच के जरिए किसानों को जागरूक किया जाएगा और अलग-अलग स्टेशनों के माध्यम से उन्हें उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी. इस मौके पर देशभर के बड़े एक्सपर्ट और वैज्ञानिक इसमें शामिल होंगे, जिससे पोल्ट्री सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे.

इस कॉन्क्लेव में पोल्ट्री फार्मर, हैचरी फार्मर, साइंटिस्ट, एक्सपर्ट, पोल्ट्री के डॉक्टर, रिसर्चर, अंडा-चिकन कारोबारी, स्टार्टअप और एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के छात्र समेत 800-900 के बीच लोग शामिल हो रहे हैं. वहीं, इस कॉन्क्लेव का आयोजन उदय सिंह करेंगे. बता दें कि उदय तेलंगाना पोल्ट्री इंडिया से जुड़े हुए हैं.
राजधानी लखनऊ के अंडा कारोबारी नवाब अकबर अली ने बताया कि दो वर्ष पहले 70-80 लाख प्रतिदिन अंडों का उत्पादन हो रहा था, जो अब 2 करोड़ प्रतिदिन तक पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि आने वाले वक्त में यह आंकड़ा 3 करोड़ से अधिक हो जाएगा. इसके लिए नई-नई तकनीक की जानकारी हासिल किया जा रहा हैं.

नवाब अकबर अली ने उम्मीद जताई कि लखनऊ में होने वाला यह कॉन्क्लेव उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर को नई दिशा देगा और बड़े बदलाव का आधार बनेगा.
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