Tree Fodder: बकरी पालन में दूध-मीट का उत्पादन बढ़ाने को ऐसे खि‍लाएं खास पेड़ की पत्तियां  

Tree Fodder: बकरी पालन में दूध-मीट का उत्पादन बढ़ाने को ऐसे खि‍लाएं खास पेड़ की पत्तियां  

Tree Fodder बकरी पालन में चारा कैसा हो और उसकी तेजी से ग्रोथ हो, ये दो बड़े सवाल होते हैं. इसीलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हरे चारे संग बकरियों को कुछ खास तरह की पत्ति‍यां भी खि‍लानी चाहिएं. इनसे बकरे-बकरियों का उत्पादन बढ़ने के साथ ही बीमारी से भी बचे रहते हैं. 

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Mar 20, 2026,
  • Updated Mar 20, 2026, 8:18 PM IST

घरेलू और इंटरनेशनल बाजार में बकरे-बकरियों के मीट के साथ-साथ अब दूध की भी डिमांड बढ़ने लगी है. दूध-मीट की बढ़ती डिमांड के चलते ही तेजी से बकरी पालन बढ़ रहा है. बकरी पालन शुरू करने से पहले लोग इसकी ट्रेनिंग भी ले रहे हैं. जो पहले से बकरी पालन कर रहे हैं और जो शुरुआत कर रहे हैं उनकी भी यही कोशि‍श होती है कि कैसे बकरे-बकरियों से ज्यादा उत्पादन लिया जाए. कैसे उनकी ग्रोथ हो, और ऐसा क्या खि‍लाया जाए कि जिससे उनकी खुराक भी पूरी हो और उन्हें बीमारियों से भी बचाया जा सके. खासतौर पर जब मौसम गर्मियों का हो तो ऐसे वक्त में बकरे-बकरियों को हरे चारे वाली खुराक देने के साथ ही उन्हें बीमारियों से भी बचाया जाता है. 

केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा सीनियर साइंटिस्ट नीतिका शर्मा का कहना है कि अक्सर बकरे-बकरियों को होने वाली बीमारियां भी उत्पादन नहीं बढ़ने देती हैं. इसलिए खुराक ऐसी होनी चाहिए जिससे ग्रोथ भी हो और बीमारियों से भी बचे रहें. गोट एक्सपर्ट का मानना है कि बकरे-बकरी की पसंद का और पौष्टि़क चारा खि‍लाने से बकरी पालन की लागत भी कम हो जाती है. साथ ही अलग-अलग तरह का हरा चारा बकरे-बकरियों को कई तरह की बीमारियों से भी बचाता है. लेकिन, हरा चारा हमेशा एक्सपर्ट की सलाह से ही खि‍लाना चाहिए.  

हरे चारे संग खि‍लाएं ये पत्तियां 

  • बकरे-बकरियों को नीम, अमरुद और मोरिंगा की पत्तियां खि‍लानी चाहिए. 
  • रोजाना की खुराक में भेड़-बकरियों को पेड़ों की पत्ति‍यां खि‍लाना फायदेमंद है. 
  • फसली हरे चारे के मुकाबले पेड़ों की पत्तियों में नमी की मात्रा कम होती है. 
  • फसली चारे में ज्यादा नमी के चलते पेड़ की पत्तिहया मिलाकर खि‍लाएं. 
  • भेड़-बकरी पालक अमरुद, नीम और मोरिंगा की पत्तियां खि‍ला सकते हैं. 
  • पेड़ों की पत्तियां पेट भरने के साथ ही दवाई का काम भी करती हैं. 
  • इन पेड़ों की पत्तियों में टेनिन कांटेंट और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है. 
  • तीनों पेड़ की पत्तियां खि‍लाने से भेड़-बकरियों के पेट में कीड़े नहीं होंगे. 
  • दूषि‍त पानी पीने से भेड़-बकरियों के पेट में कीड़े होना आम बात है. 
  • पेट में कीड़े होने वाली बीमारी भेड़-बकरियों की ग्रोथ पर असर डालती है. 
  • पेट में कीड़े होने पर भेड़-बकरियां कितना भी खा लें उनकी ग्रोथ नहीं बढ़ती है.

बकरियों को पत्तियां कैसे खि‍लाएं 

  1. बकरी जमीन पर पड़े चारे के मुकाबले डाल से तोड़कर खाना ज्यादा पसंद करती हैं. 
  2. डाल से तोड़कर खाए जाने वाले चारे को बकरी बड़े ही चाव से खाती हैं. 
  3. डाल से तोड़कर खाए जाने वाले से बकरे-बकरी की ग्रोथ तेजी से होती है. 
  4. नीम, अमरुद, मोरिंगा आसानी से न मिले तो गूलर और अरडू के पत्ते खि‍ला सकते हैं. 
  5. मोरिंगा का मुलायम तना भी बकरे*बकरियां बड़े आराम से खाती हैं.

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