
पोल्ट्री फार्मर का मुनाफा तभी बढ़ेगा जब अंडा उत्पादन लागत कम आए और साथ में प्रोडक्शन भी बढ़े. हालांकि मुर्गी हर रोज एक अंडा देती है, लेकिन जरूरी ये है कि वो ज्यादा से ज्यादा दिन दे. क्योंकि अभी तक होता ये है कि कोई भी मुर्गी साल के 365 दिन अंडा नहीं देती है. श्रीनिवासा ग्रुप के एमडी सुरेश चित्तुरी का कहना है कि आज जरूरत इस बात की है कि कैसे एक आम पोल्ट्री फार्मर को ये बताया जाए कि कैसे वो लागत कम करने के साथ ही उत्पादन को बढ़ा सकते हैं. हालांकि इस तरह के टिप्स तकनीकी होते हैं, लेकिन हमने इसे समझाने का एक तरीका निकाला है.
इसके लिए हमने तीन की सेमिनार आयोजित की थी. इस सेमिनार में टेक्निनकल एक्सपर्ट को बुलाया गया था. ये वो एक्सपर्ट हैं जो ज्यादातर वक्त पोल्ट्री फार्मर के संपर्क में रहते हैं. इस दौरान देश-विदेश से आए टेक्निोकल एक्सपर्ट ने अंडे की लागत घटाने और प्रोडक्शन बढ़ाने पर चर्चा की. अपने-अपने सुझाव एक-दूसरे के साथ साझा किए. अब आगे जाकर यही एक्सपर्ट पोल्ट्री फार्मर के साथ जाकर इन सुझावों को शेयर करेंगे.
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एमडी सुरेश चित्तुरी ने किसान तक को बताया कि अंडे का उत्पादन पूरी तरह से मुर्गी के खुश रहने पर टिका होता है. आप मुर्गी को जितना खुश रखेंगे मुर्गी उतना ज्यादा अंडा देगी. जैसे सबसे पहले आपको करना चाहिए कि मुर्गी को हमेशा हेल्दी रखें. मतलब मुर्गी को कोई भी छोटी-बड़ी बीमारी ना लगने दें. इसके लिए अच्छे से मुर्गियों की देखभाल और बायो सिक्योरिटी का पालन करना बहुत जरूरी है. दूसरी अहम बात ये है कि मुर्गियों को अच्छी क्वालिटी का फीड खाने को दें. ऐसा नहीं कि चार पैसे बचाने के लिए हमने खराब फीड खरीद लिया. आज पोल्ट्री सेक्टर में इतनी टेक्नोलॉजी आ चुकी है कि आप फीड के बारे में हर तरह की जांच करा सकते हैं. पीने के पानी का भी बहुत खास ख्याल रखें. बहुत सारी बीमारियां तो सिर्फ पानी से ही आती हैं.
सुरेश चित्तुरी ने बताया कि लेयर बर्ड में ब्रीड की बात करें तो अब बहुत अच्छी ब्रीड आ रही हैं. हाईलैंड ऐसी ही एक ब्रीड है. हम खुद भी बीते 5 साल से इस ब्रीड पर काम कर रहे हैं. इस ब्रीड के बाद से प्रति अंडे पर 10 ग्राम फीड लागत कम हो गई है. इतना ही नहीं कुल अंडों की बात करें तो 25 अंडे का प्रोडक्शन भी बढ़ गया है.
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