
पशुपालन और डेयरी सेक्टर में मुनाफा कैसे बढ़ेगा और लागत घटाने के लिए क्या करना होगा. डेयरी में ये आज एक बुनियादी सवाल बन चुका है. एक्सपर्ट की मानें तो जब तक ये दो काम नहीं होंगे तो पशुपालकों की जिंदगी में बदलाव नहीं आएगा और उनकी नई पीढ़ी पशुपालन से नहीं जुड़ेगी. और ये तभी मुमकिन होगा जब पशुपालन और डेयरी सेक्टर में रफ्तार आएगी. प्रति पशु उत्पादन बढ़ने के साथ ही डिमांड में तेजी आने से ही पशुपालन और डेयरी सेक्टर को ये रफ्तार मिलेगा. और ये सब मुमकिन होगा पशुपालन और डेयरी सेक्टर में 5 बड़ी टैक्नोलॉजी अपनाने से.
नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड (NDDB) इन्हीं टैक्नोलॉजी पर काम कर रहा है. इससे जहां पशुपालकों की जिंदगी में बदलाव आएगा वहीं पर्यावरण में भी सुधार आएगा. इसमे सबसे खास टैक्नोलॉजी है सेक्स सॉर्टेड सीमेन. इसके अलावा NDDB यूनिफाइड जीनोमिक चिप, गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित चारा बीजों का वितरण, एथनो वेटनरी मेडिसिन और पशुपालकों को राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड से जोड़कर उनका मुनाफा बढ़ाने और लागत घटाने का काम कर रही है.
GAUSort- ये एक स्वदेशी, किफायती सेक्स-सॉर्टेड सीमन तकनीक है. इसके तैयार होने से पहले इसकी डोज 800 रुपये से भी ज्यादा थी. लेकिन एनडीडीबी की कोशिशों के बाद अब पशुपालकों को इसकी एक डोज 250 से 300 रुपये में मिल रही है.
यूनिफाइड जीनोमिक चिप- ‘गौ चिप’ (गायों के लिए) और ‘महिष चिप’ (भैंसों के लिए) के लिए तैयार की गई है. एक कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी ने इस चिप को पशुपालकों के लिए जारी किया था.
प्रमाणित चारा बीजों का वितरण- सहकारी समितियों और चारा संरक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से एनडीडीबी गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्धत करने के लिए चारा बीजों का वितरण करने का काम कर रही है.
एथनो वेटनरी मेडिसिन (EVM)- पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और एंटी बायोटिक का इस्तेमाल कम से कम करने के मकसद से इवीएम को खासकर Mastitis जैसी आम बीमारियों की रोकथाम के लिए तैयार किया गया है.
वहीं दूसरी ओर एनडीडीबी ने राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL ) के प्रमुख प्रमोटर के रूप में ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए मार्केट लिंकेज प्रदान करना और किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. यहां किसान आसानी से अपने प्रोडक्ट बेच रहे हैं.
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