
भारत की राजनीति कई बार मीट के इर्द-गिर्द भी घूमती है. देश में मीट एक संवेदनशील मुद्दा है, जो धर्म, संस्कृति, उपभोग के अधिकार और आर्थिक नीतियों से जुड़ा हुआ है. बहरहाल, राजनीति अपनी जगह है और कारोबार अपनी जगह. केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश को नंबर वन मीट उत्पादक राज्य बनने का टारगेट दिया है. अभी यह देश का दूसरा सबसे बड़ा मीट उत्पादक है. इस समय पश्चिम बंगाल मीट उत्पादन के मामले में नंबर वन सूबा है, लेकिन इस साल उसे सबसे ज्यादा मीट उत्पादन करने का लक्ष्य नहीं दिया गया है. केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को 2026 में 14.96 लाख मीट्रिक टन मीट उत्पादन करने का लक्ष्य सेट किया है.
साल 2024-25 के मीट उत्पादन की रिपोर्ट आ चुकी है. इसके मुताबिक 13.07 लाख टन मीट उत्पादन के साथ इस मामले में पश्चिम बंगाल नंबर वन था. जबकि 13 लाख मीट्रिक टन के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर था. लेकिन 2026 में पश्चिम बंगाल को उसके मौजूदा उत्पादन से भी कम मीट उत्पादन का टॉरगेट मिला है. पश्विम बंगाल को इस साल 13 लाख टन मीट उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है. देव भूमि उत्तराखंड को उसके बीते साल के उत्पादन के मुकाबले ज्यादा मीट उत्पादन का टॉरगेट दिया गया है. जिन 5 राज्यों को सबसे ज्यादा मीट उत्पादन का टॉरगेट मिला है वो पहले से भी टॉप-5 मीट उत्पादक राज्य हैं.
केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से 2024-25 के मीट उत्पादन के आंकड़े जारी किए गए हैं. इसमे 5 राज्य ऐसे हैं जहां देशभर में सबसे ज्यादा मीट उत्पादन हुआ है. पश्चिम बंगाल, यूपी, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना हैं. सभी 5 राज्यों के मीट उत्पादन की बात करें तो कुल उत्पादन का 57.55 फीसदी मीट उत्पादन हुआ था. पंश्चिम बंगाल की बात करें तो 13.07 लाख टन मीट का उत्पादन हुआ था. जबकि यूपी दूसरे स्थान पर था और वहां 12.80 लाख टन मीट का उत्पादन हुआ था. उत्पादन के आंकड़े जारी करने के साथ ही मंत्रालय ने 2025-26 के लिए राज्यों के टॉरगेट भी तय किए हैं. टॉरगेट की लिस्ट में यूपी सबसे ऊपर है. यूपी को 14.96 लाख टन मीट उत्पादन का टॉरगेट मिला है.
मीट उत्पादन के मामले में गुजरात भी आगे निकल रहा है. गुजरात को पिछले साल जो टारगेट दिया गया था उसने उससे ज्यादा मीट उत्पादन किया है. आंकड़ों की बात करें तो साल 2024-25 में गुजरात को 34.99 हजार टन मीट उत्पादन का टारगेट मिला था. लेकिन गुजरात ने उससे अधिक 38.32 हजार टन मीट उत्पादन कर दिया. साल 2025-26 में गुजरात को 37.46 हजार टन मीट उत्पादन करने का लक्ष्य दिया गया है.
मीट उत्पादन के मामले में जहां दूसरे राज्य आगे बढ़ रहे हैं वहीं उत्तराखंड भी रिकॉर्ड बना रहा है. मंत्रालय ने उत्तराखंड के मीट उत्पादन लक्ष्य को भी बढ़ा दिया है. साल 2025-26 के लिए उत्तराखंड को 26.70 हजार टन मीट उत्पादन करना है. मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में यही आंकड़ा दिया है. जबकि साल 2024-25 की बात करें तो उत्तराखंड को 20.50 हजार टन का टारगेट मिला था, लेकिन वहां उससे अधिक 25.58 हजार टन उत्पादन हुआ.
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