Green Fodder Silage: शुरू कर दें साइलेज बनाने की तैयारी, मई में कटेंगी 4 खास चारा फसल 

Green Fodder Silage: शुरू कर दें साइलेज बनाने की तैयारी, मई में कटेंगी 4 खास चारा फसल 

Green Fodder Sailage साइलेज और हे बनाकर हरे चारे को स्टोर किया जा सकता है. और इसे बनाने में कोई खास तकनीक भी इस्तेमाल नहीं होती है. घर पर भी साइलेज और हे बनाकर स्टोर कर सकते हैं. जरूरत है कि साइलेज और हे बनाने के दौरान कुछ खास बातों का ख्याल रखा जाए. 

साइलेज चारासाइलेज चारा
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Mar 31, 2026,
  • Updated Mar 31, 2026, 10:04 AM IST

अब तो हरे चारे की परेशानी किसी एक खास मौसम या महीने की परेशानी नहीं रह गई है. पशुपालकों को साल के 12 महीने किसी न किसी तरह से हरे चारे के लिए परेशान रहना पड़ता है. खासतौर पर बरसात के दिनों में हरे चारे की बहुत ज्यादा परेशानी होती है. महंगे दामों पर भी क्वालिटी का हरा चारा नहीं मिल पाता है. जो मिलता है तो वो क्वालिटी वाला नहीं होता है. बरसात का नमी वाला चारा खाने से पशुओं को कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं. चारा एक्सपर्ट की मानें तो मई-जून में चार खास चारा फसल की कटाई शुरू हो जाती है. 

ये जून तक चलती रहती है. ये चारों ही बहुत पौष्टि क चारे हैं. थोड़ी सी तैयारी कर इस चारे का साइलेज बनाया जा सकता है. साइलेज का इस्तेमाल मानसून के दिनों में होने वाली चारे की परेशानी का दूर करने के लिए किया जा सकता है. साइलेज बनाने से बरसात के दिनों में जहां हरा चारा सस्ता पड़ेगा तो पशुओं को क्वालिटी वाला हरा चारा खाने को मिलेगा. 

एक्सपर्ट की सलाह से ऐसे बनाएं साइलेज

फोडर एक्सपर्ट का कहना है कि बेशक हम साइलेज घर पर तैयार कर सकते हैं, लेकिन उसके लिए बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है. इसलिए बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह और ट्रेनिंग के तैयार किए गए साइलेज पशुओं को न खि‍लाएं. साइलेज बनाने के लिए सबसे पहले उस हरे चारे की कटाई सुबह के वक्त करें जिसका हम साइलेज बनाने जा रहे हैं. ऐसा करने से हमे दिन का वक्त उस चारे को सुखाने के लिए मिल जाएगा. क्योंकि साइलेज बनाने से पहले चारे के पत्तों को सुखाना जरूरी है.

चारे को कभी भी जमीन पर सीधे ना सुखाएं. लोहे का कोई स्टैंड या जाली पर रखकर सुखाएं. चारे के छोटे-छोटे गठ्ठर बनाकर लटका कर भी चारे को सुखाया जा सकता है. क्योंकि जमीन पर चारा डालने से उसमे फंगस लगने के चांस ज्यादा रहते हैं. कुल मिलाकर करना ये है कि जब चारे में 15 से 18 फीसद नमी रह जाए तभी उसे साइलेज की प्रक्रि‍या में शामिल करें. मई-जून में खासतौर से ज्वार, बाजरा, लोबिया और मक्का चारा फसल की कटाई होती है. 

पतले तने की फसल का अच्छा बनता है साइलेज 

फोडर एक्सपर्ट का कहना है कि साइलेज बनाने के लिए फसल का चुनाव करना भी बेहद जरूरी है. क्योंकि साइलेज बनाने के दौरान कोशि‍श यही होनी चाहिए कि चारे में फंगस नहीं लगे. इसके लिए करना ये चाहिए कि साइलेज बनाने के लिए हमेशा पतले तने वाली चारे की फसल का चुनाव करें. फसल को पकने से पहले ही काट लें. फसल के तने को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.

उसके बाद उन्हें ऊपर बताए गए तरीके के मुताबिक सुखा लें. पतले तने वाली फसल का चुनाव करने से फायदा ये होता है कि वो जल्दी सूख जाती है. तने में नमी का पता इस तरह से भी लगाया जा सकता है कि तने को हाथ से तोड़कर देख लें.  

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