उत्तर प्रदेश में गो-आश्रय स्थलों की निगरानी हुई हाईटेक, जानें पशुपालकों के लिए कितना फायदेमंद?

उत्तर प्रदेश में गो-आश्रय स्थलों की निगरानी हुई हाईटेक, जानें पशुपालकों के लिए कितना फायदेमंद?

Gaushala News: पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया किअब इन आश्रय स्थलों की 24×7 निगरानी संभव हो गई है. सीसीटीवी कैमरों के जरिए पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है

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क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Mar 27, 2026,
  • Updated Mar 27, 2026, 9:37 AM IST

उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को तकनीक से जोड़ते हुए एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया गया है. प्रदेश भर के जनपदों में संचालित 5446 गो-आश्रय स्थलों को सीसीटीवी निगरानी से जोड़ दिया गया है, जहां अब तक कुल 7592 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं. यह पहल न केवल पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि गोवंश की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने का भी मजबूत माध्यम बन रही है.

पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई पर निगरानी

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया किअब इन आश्रय स्थलों की 24×7 निगरानी संभव हो गई है. सीसीटीवी कैमरों के जरिए पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है. यह व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत कर रही है.

समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराना लक्ष्य

प्रदेश के इन गो-आश्रय स्थलों में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं, जिनकी देखभाल सरकार की प्राथमिकता में है. सीसीटीवी निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पशुओं को समय पर चारा, स्वच्छ पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.

प्रदेश में एकीकृत निगरानी तंत्र होगा विकसित

अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, यह डिजिटल निगरानी प्रणाली प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ-साथ आम जनता के विश्वास को भी सुदृढ़ कर रही है. साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में 56 जनपदों में कमांड एवं कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से इन कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही है, जबकि बाकी 19 जनपदों में सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के माध्यम से जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे. इससे पूरे प्रदेश में एकीकृत और सुदृढ़ निगरानी तंत्र विकसित होगा.

सीसीटीवी कैमरों से नियमित मॉनिटरिंग

मुकेश मेश्राम के मुताबिक, योगी सरकार ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी खराबी की स्थिति में तत्काल सुधार कराया जाए. साथ ही अधिकारियों को समय-समय पर स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

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