Black Tiger Shrimp: टैरिफ और जंग दोनों को टक्कर देगा इंडियन ब्लैक टाइगर

Black Tiger Shrimp: टैरिफ और जंग दोनों को टक्कर देगा इंडियन ब्लैक टाइगर

Black Tiger Shrimp किसानों ने वेनामी झींगा को छोड़ अब भारतीय ब्लैक टाइगर का पालन शुरू कर दिया है. मायूस हो चुके किसान अब बड़े-बड़े तालाबों में ब्लैक टाइगर ही पाल रहे हैं. ऐसे ही आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जि‍ले के किसान हैं. सुब्बा नायडू टैरिफ को लेकर बहुत परेशान हो गए थे. उम्मीद तक छोड़ बैठे थे. लेकिन अब सुब्बा 45 एकड़ के तालाब में ब्लैक टाइगर झींगा पाल रहे हैं. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Mar 25, 2026,
  • Updated Mar 25, 2026, 4:55 PM IST

भारत से बड़ी मात्रा में वेनामी झींगा अमेरिका समेत चीन और यूरोपीय देशों को जाता है. ईरान भी झींगा का बड़ा उत्पादक है. लेकिन इजरायल और अमेरिका से जंग के चलते ईरानी झींगा बाहर नहीं आ रहा है. इधर अमेरिकी टैरिफ के चलते भारत के वेनामी झींगा पर भी बड़ा असर पड़ा है. क्योंकि अमेरिका सीफूड में शामिल प्रॉन (झींगा) का सबसे बड़ा खरीदार है. लेकिन बढ़े हुए टैरिफ के बाद से एक्सपोर्ट पर असर पड़ा है. हालांकि जंग और अमेरिकी टैरिफ को भारतीय ब्लैक टाइगर टक्कर दे रहा है. 

ब्लैक टाइगर की वजह से झींगा पालकों को भी राहत मिली है. झींगा एक्सपर्ट का कहना है कि अब ज्यादातर किसान ब्लैक टाइगर पाल रहे हैं. एक्सपोर्ट बाजार में इसकी बहुत डिमांड है. एक आंकड़े के मुताबिक आंध्र प्रदेश में ही 50 फीसद से ज्यादा किसानों ने ब्लैक टाइगर का पालन शुरू कर दिया है. अभी तक वेनामी झींगा का पालन हो रहा था. 

एशि‍या की ब्रीड है ब्लैक टाइगर 

सीफूड मार्केट में ब्लैक टाइगर इज बैक की चर्चा हो रही है. इसे ब्लैक टाइगर का कम बैक माना जा रहा है. हालांकि ब्लैक टाइगर की धमाकेदार वापसी साल 2022 में हो चुकी थी. साल 2023-24 में ब्लैक टाइगर की डिमांड में 25 फीसद की बढ़ोतरी हुई थी. ब्लैक टाइगर ने आते ही सबसे पहले झींगा किंग इक्वाडोर को टक्कर दी. झींगा किसान और एक्सपर्ट डॉ. मनोज शर्मा की मानें तो इक्वाडोर इंटरनेशनल मार्केट में दूसरे सभी देशों के मुकाबले हर साइज और वजन का झींगा एक डॉलर कम के रेट में बेचता है. इसीलिए भारत का वेनामी झींगा इक्वाडोर से पिछड़ रहा था. इसी के चलते देश में ब्लैक टाइगर झींगा पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. 

सीफूड मार्केट में जाना-पहचाना है ब्लैक टाइगर

डॉ. मनोज शर्मा ने किसान तक को बताया कि साल 2010 से पहले ब्लैक टाइगर झींगा खूब एक्सपोर्ट होता था. फिर अचानक से बाजार में वेनामी झींगा आ गया और ब्लैक टाइगर की डिमांड कम हो गई. लेकिन अब फिर से ब्लैक टाइगर झींगा पसंद किया जा रहा है. ये पूरी तरह से एशि‍याई है. इसका बीच भारत में ही तैयार किया जाता है. भारत की मिट्टी और यहां का पानी इसके स्वाद को और बढ़ा देते हैं. यही वजह है कि एशि‍या में और दूसरे देश भी हैं, लेकिन पसंद भारत का ज्यादा किया जा रहा है. 2023-24 में 25 फीसद डिमांड बढ़ना इसका सुबूत है.

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