बड़े पशु गाय-भैंस समेत छोटे पशुओं जैसे भेड़-बकरी को गाभिन कराने के लिए साइंटीफिक तरीका अपनाया जाने लगा है. और ये साइंटीफिक तरीका है कृत्रिम गर्भाधान (AI). धीरे-धीरे ही सही, लेकिन पशुपालकों के बीच अब इसकी डिमांड बढ़ रही है. बकरी पालक हो या गाय-भैंस पालक ज्यादातर लोग एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही एआई कराने के लिए एक्सपर्ट की भी जरूरत पड़ती है. पशुपालक को एआई से दो बड़े फायदे होते हैं, पहला पशुओं की नस्ल में सुधार होता है और दूसरा उनका दूध उत्पादन बढ़ता है. अगर आप भी एआई मित्र बनकर ये काम करते हैं तो इससे दोहरी कमाई होगी.
एक तो सीमन (वीर्य) बिकेगा और एआई एक्सपर्ट होने के चलते पशुपालक आप ही को बुलाएंगे. क्योंकि हर एक पशुपालक चाहता है कि अच्छी से अच्छी क्वालिटी का सीमन खरीदकर कृत्रिम गर्भाधान कराया जाए. एआई की इसी डिमांड को देखते हुए हर नस्ल के ब्रीडर बुल (सांड) तैयार किए जा रहे हैं. पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से खानपान और रहन-सहन से संबंधित एडवाइजरी जारी की जाती हैं. यहां तक की गाय-भैंस को प्राकृतिक तरीके से गाभिन कराने के लिए भी ब्रीडर सांड कैसा हो इसके लिए भी गाइड लाइन तैयार की गई है.
खास देखभाल से ऐसे तैयार होते हैं ब्रीडर बुल
- बाड़ा ऐसा हो जो सांड को सर्दी-गर्मी से बचाया जा सके.
- सांड को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा कसरत करानी चाहिए.
- सांड की हर रोज मालिश करने के बाद उसे नहलाना चाहिए.
- हर छह महीने के बाद सांड के खून की जांच करा लेनी चाहिए.
- समय-सयम पर सांड में ब्रुसेलोसिस समेत दूसरे यौन रोग जांच करानी चाहिए.
- चार्ट के मुताबिक सांड का टीकाकरण कराते रहना चाहिए.
- एक्सपर्ट द्वारा बताई गई डाइट ही सांड को देनी चाहिए.
- गर्भाधान का स्थान भैंसों के बाड़े से दूर होना चाहिए.
- सांड का बाड़ा आरामदायक और बड़ा हो, जहां से वो दूसरे पशुओ को भी देख सके.
- गर्भाधान के लिये सांड की उम्र कम से कम ढाई साल और वजन 350 किलोग्राम होना चाहिए.
- कम उम्र के सांड को हफ्ते में दो या तीन बार ही ब्रीडिंग के लिए इस्तेमाल करना चाहिए.
- दो गर्भाधान के बीच सांड को कम से कम एक दिन का आराम देना चाहिए.
- सांड को संगम कराने से पहले उसे मैथुन के लिए उत्तेजित करना जरूरी होता है.
- अगर सांड सुस्त है तो भैस दिखाने के बाद उसे दूर ले जाए.
- आसपास ही थोड़ा घुमाने के बाद उसे भैंस पर कुदाएं.
- भैंस के पास कोई दूसरा सांड बांधने से भी दूसरे सांड को उत्तेजना मिलती है.
- भैस पर कुदाते समय सांड के साथ सख्त व्यवहार नहीं करना चाहिए.
- ब्रीडर सांड का भैंस से संगम कराने के दौरान उसके साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए.
- खूंखार सांड से किसान की सुरक्षा का इंतजाम बाड़े में जरूर करें.
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