Animal Care in Summer: भीषण गर्मी में भी नहीं घटेगा दूध उत्पादन, पशुओं के बाड़े में करें ये 20 काम 

Animal Care in Summer: भीषण गर्मी में भी नहीं घटेगा दूध उत्पादन, पशुओं के बाड़े में करें ये 20 काम 

Animal Care in Summer गर्मियों के दौरान हीट स्ट्रेस में आने वाले पशु दूध देना कम कर देते हैं. गर्मियों में ही हरे चारे की कमी और हीट स्ट्रेस का असर सीधे दूध उत्पादन को प्रभावित करता है. गर्मियों के इस मौसम में गाय-भैंस का दूध कम ना हो, गर्म मौसम में गाय-भैंस को भी किसी तरह की कोई परेशानी ना हो इसके लिए नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर ने कुछ उपाय सुझाए हैं. 

यूपी की गौशालाओं में लगेंगे सीसीटीवी. (Photo: Representational)यूपी की गौशालाओं में लगेंगे सीसीटीवी. (Photo: Representational)
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Apr 17, 2026,
  • Updated Apr 17, 2026, 9:00 AM IST

गर्मी का मौसम सिर्फ पशुओं को बीमार या बैचेन ही नहीं करता है, बल्कि दूध की लागत को भी बढ़ा देता है. खासतौर पर दूध उत्पादन भी गर्मियों के दौरान ही कम होता है. और जैसे ही उत्पादन कम होता है तो दूध की लागत बढ़ जाती है. बीमारियों पर होने वाले खर्च का असर भी लागत पर पड़ता है. कुल मिलाकर गर्मी का मौसम पशुपालकों की परेशानी को बढ़ाने वाला होता है. इसी मौसम में हरे चारे की कमी भी हो जाती है. चारे के दाम भी बढ़ जाते हैं. 

बीते कुछ वक्त पहले तमिलनाडु से एक बड़ी खबर सामने आई थी कि वहां गर्मी के चले हीट स्ट्रेस की वजह से दूध उत्पा्दन में छह लाख लीटर दूध की कमी हुई थी. हीट स्ट्रेस की ये परेशानी उन राज्यों में सामने आती है जहां तापमान 38 डिग्री और उससे भी ऊपर चला जाता है. और ये वो तापमान होता है जब पशु के लिए खुद को सहज रख पाना मुश्किल हो जाता है. 

गर्मियों में इस तरह तैयार करें एनिमल शेड 

  • एक गाय या भैंस के लिए 5.5 फीट चौड़ी और 10 फीट लम्बी जगह होनी चाहिए. 
  • सही ढलान के साथ फर्श खुरदरा और नाली की सुविधा से लैस होना चाहिए. 
  • पशु के शेड की छत कम से कम 15 फीट ऊंची होनी चाहिए. 
  • ईंट या फूस से बनी छत को पुआल और दूसरे पत्तोंह से ढका जा सकता है. 
  • तीन तरफ से खुले शेड में पश्चिुम की ओर गेट होना चाहिए. 
  • छत की ऊंचाई पर तीन फीट लम्बा और डेढ़ फीट चौड़ा रोशनदान होना चाहिए. 
  • दिन के वक्तस शेड के खुले भाग को बोरी से ढककर उस पर पानी डालते रहना चाहिए. 
  • पश्चि मी दीवार की तरफ पशु चारे के लिए जमीन से एक फीट ऊंची नांद बनानी चाहिए.  
  • दोपहर के वक्तद पशुओं को शेड के अंदर या फिर पेड़ों की छांव में रखना चाहिए. 
  • शेड के आसपास पेड़ और घास लगानी चाहिए, जिससे शेड के अंदर ठंडक रहे. 
  • शेड को ठंडा रखने के लिए ऑटोमेटिक कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करें.

गर्मियों में गाय-भैंस को ऐसे पिलाएं पानी 

  • शेड के अंदर हर वक्तप साफ और ताजा-ठंडा पानी मौजूद रहना चाहिए. 
  • एक वयस्कै पशु दिनभर में 75 से 80 लीटर तक पानी पीता है. 
  • साफ और ताजा-ठंडा पानी पशु के शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है. 
  • दूध में 85 फीसद पानी होता है इसलिए भी पानी बहुत जरूरी है. 
  • पानी की मात्रा शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को दूसरे हिस्सों में पहुंचाने का काम करती है. 
  • पशु के शरीर में मौजूद आवांछित और जहरीले तत्वों को पानी मूत्र के जरिए बाहर करता है.
  • गर्मियों में पशुओं को दिन में दो बार ताजा पानी से नहलाना चाहिए. 
  • ज्यादा दूध देने वाली गाय-भैंस के लिए शेड में वॉटर स्प्रिंकलर लगा सकते हैं. 
  • अगर शेड के आसपास कोई तालाब है तो भैंस को वहां जरूर छोड़ें. 

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