बारिश के मौसम में मुर्गीपालकों के लिए जरूरी टिप्स, तेजी से बढ़ेगी मुर्गियों की ग्रोथ

बारिश के मौसम में मुर्गीपालकों के लिए जरूरी टिप्स, तेजी से बढ़ेगी मुर्गियों की ग्रोथ

बरसात का मौसम मुर्गीपालन के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण होता है. इस दौरान नमी और गंदगी बढ़ने से मुर्गियों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे वजन और उत्पादन पर असर पड़ सकता है. ऐसे में सही देखभाल, साफ-सफाई और संतुलित आहार अपनाकर मुर्गीपालक बेहतर ग्रोथ और मुनाफा हासिल कर सकते हैं.

संदीप कुमार
  • Noida,
  • Jun 28, 2026,
  • Updated Jun 28, 2026, 5:48 PM IST

बरसात का मौसम किसानों के लिए जहां खेती के लिहाज से फायदेमंद होता है, वहीं पशुपालन और पोल्ट्री फार्मिंग के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जाता है. मौसम में बदलाव, बढ़ी हुई नमी और गंदगी के कारण मुर्गियों में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. खासकर छोटे किसान और घरेलू स्तर पर मुर्गी पालन करने वाले लोग अगर थोड़ी सी लापरवाही बरतते हैं तो मुर्गियों की ग्रोथ, अंडा उत्पादन और आय पर सीधा असर पड़ सकता है. ऐसे में बरसात के दिनों में मुर्गियों की बेहतर देखभाल करना बेहद जरूरी है. सही प्रबंधन, साफ-सफाई और संतुलित आहार के जरिए मुर्गियों को स्वस्थ रखा जा सकता है और उनकी अच्छी ग्रोथ के साथ मुनाफा भी बढ़ाया जा सकता है. आइए जानते हैं बरसात में मुर्गियों की देखभाल के आसान तरीके.

बाड़े की साफ-सफाई का रखें ध्यान

बारिश के मौसम में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे मुर्गियों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए मुर्गियों के बाड़े की नियमित सफाई करें और फर्श को हमेशा सूखा रखने की कोशिश करें. बाड़े में पानी जमा न होने दें और कीचड़ या गंदगी को तुरंत साफ करें. समय-समय पर डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव करने से संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. साफ और सूखा वातावरण मुर्गियों की सेहत के साथ-साथ अंडा उत्पादन और वजन बढ़ाने के लिए भी जरूरी होता है.

चारे को नमी से बचाएं

बरसात में हवा में नमी ज्यादा होने के कारण मुर्गियों के चारे में सीलन आने की संभावना बढ़ जाती है. गीला या खराब चारा खाने से मुर्गियों में पेट संबंधी बीमारियां और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए चारे को हमेशा सूखी और हवादार जगह पर रखें. इसे नमी से बचाने के लिए एयरटाइट डिब्बे या प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, ध्यान रखें कि खराब या फंगस लगा चारा मुर्गियों की सेहत और उत्पादन दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है.

टीकाकरण और तापमान का रखें ध्यान

बरसात में मौसम ठंडा और नम हो जाता है, जिससे मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है. ऐसे में उन्हें ठंडी हवा और बारिश से बचाने के लिए बाड़े को सुरक्षित रखें. जरूरत पड़ने पर हल्की गर्मी के लिए बल्ब या अन्य साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा बरसात के मौसम में मुर्गियों का समय पर टीकाकरण जरूर करवाएं. टीकाकरण से मुर्गियां कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहती हैं और उनकी ग्रोथ बेहतर होती है. अगर किसान साफ-सफाई, सही आहार और स्वास्थ्य प्रबंधन पर ध्यान देते हैं तो बरसात के मौसम में भी मुर्गी पालन से अच्छी कमाई की जा सकती है.

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