
जून में गर्मी अपने चरम पर होती है. इसमे कुछ नया नहीं है, ये हर साल होता है. लेकिन इस बार जून में मौसम कुछ खास रहेगा. और इसकी वजह है अल नीनो. खबर आ रही है कि अल नीनो के असर के चलते बारिश कम होगी और गर्मी ज्यादा तेज पड़ेगी. इस तरह का मौसम खासतौर से पशुओं के लिए बहुत खराब बताया जाता है. एक्सपर्ट की मानें तो मौसम में आने वाला बदलाव पशुओं को बीमार करता है. पशुओं को होने वाली बीमारी उनके उत्पादन पर भी असर डालती है. और इसका असर डेयरी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट पर भी पड़ता है. लेकिन, अगर वक्त रहते पशुओं का वैक्सीनेशन (टीकाकरण) करा लिया जाए तो फिर इस तरह की परेशानियों से पशुओं को बचाया जा सकता है.
लेकिन वैक्सीनेशन कराने के लिए जरूरी है कि कुछ उपायों का पालन किया जाए. अगर टीकाकरण कराते वक्त एनिमल एक्सपर्ट की बातों का ख्याल रखा तो इसका बड़ा फायदा मिलेगा. क्योंकि एनिमल प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट में आज सबसे बड़ा इश्यू एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) का है. पशुओं की बीमारी की हालत में दी जाने वाली एंटी बायोटिक्स दवाई के चलते प्रोडक्ट दूषित हो रहे हैं.
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