Animal Product Traceability: एनिमल प्रोडक्ट के कारोबार में बढ़ जाएगा मुनाफा, करना होगा ये खास काम 

Animal Product Traceability: एनिमल प्रोडक्ट के कारोबार में बढ़ जाएगा मुनाफा, करना होगा ये खास काम 

Animal Product Traceability आज एनिमल प्रोडक्ट का ग्राहक दूध-दही, घी-मक्खन, मीट और अंडे की क्वालिटी के साथ उससे जुड़ी पूरी जानकारी भी चाहता है. ग्राहक को घी के पैकेट पर अब सिर्फ ये जानकारी नहीं चाहिए कि पैकिंग कब हुई है और कब तक इस्तेमाल कर सकते हैं. किस गाय के दूध से ये घी बना है और गाय कहां की रहने वाली है और उसे कौन-कौनसे टीके लग चुके हैं ये भी जानकारी चाहिए. और ये सब होगा ट्रेसेबिलिटी सिस्टम की मदद से . 

  • New Delhi,
  • Apr 30, 2026,
  • Updated Apr 30, 2026, 11:53 AM IST

दूध-मीट और अंडा ये सब एनिमल प्रोडक्ट कहलाते हैं. अगर दूध को छोड़ दें तो मीट और अंडे में मिलावट की कोई गुंजाइश नहीं होती है. लेकिन अब इस तरह के प्रोडक्ट में पेस्टीसाइड और एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) का खतरा डराने लगा है. यही वजह है कि एनिमल प्रोडक्ट में मिलावट और ऑर्गेनिक के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है. दूध और दूध से बने प्रोडक्ट में तो ए1 और ए2 के नाम पर भी एक अलग तरह का ही स्कैम चल रहा है. जिस घी का आधार फैट होता है उसे प्रोटीन से भरपूर ए1 दूध के नाम से ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है. 

जिसके चलते पशुपालकों का मुनाफा कम होता जा रहा है. डेयरी प्रोडक्ट को बेचना मुश्किल हो गया है. डेयरी और एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक इस परेशानी को दूर कर मुनाफा बढ़ाया जा सकता है. लेकिन, इसके लिए डेयरी, पोल्ट्री और फिशरीज सेक्टर में आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (एआई) को अपनाना होगा. एआई की मदद से ही एनिमल प्रोडक्ट का उत्पादन करना होगा. 

डेयरी-पशुपालन में ऐसे काम कर रहा एआई 

  • एआई की मदद से आज दूध की लागत 10 फीसद तक कम हो चुकी है. 
  • डेयरी-पशुपालन में आज एआई की मदद से हर एक मिनट का डाटा स्टोर किया जा रहा है. 
  • अभी तक पशुपालन-डेयरी में कहीं भी एक जगह डाटा स्टोर नहीं किया जाता था. 
  • एआई का इस्तेमाल होने के बाद पशुपालन-डेयरी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आने वाला है.  
  • एआई की मदद से पशुओं की चारे की जरूरत का पता लगाया जा रहा है. 
  • एआई की मदद से ही पशुओं की बीमारियों को कंट्रोल किया जा रहा है. 

एआई के ट्रेसेबिलिटी सिस्टम से मिल रही डिटेल 

  1. ट्रेसेबिलिटी सिस्टम से प्रोडक्ट की पूरी जानकारी मिल जाती है. 
  2. किस नस्ल की गाय ने कहां पर दूध दिया है ये पता चल जाता है. 
  3. दूध देने वाली गाय को बीमारियों के सभी टीके लगे हैं या नहीं. 
  4. गाय को कौन-कौनसी बीमारियां हो चुकी हैं. 
  5. गाय के दूध में फैट और प्रोटीन की मात्रा कितनी है. 
  6. दूध देने वाली गाय का फैमिली ट्री क्या है. 
  7. गाय किस शहर और राज्य में पाली जा रही है. 
  8. गाय को खाने में क्या-क्या दिया जा रहा है. 
  9. दूध से घी कहां पर और कब बना है. 
  10. के कौन-कौन से टेस्ट हुए हैं.

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