Milking Machine: थनैला बीमारी भी नहीं होगी और दूध भी पूरा मिलेगा, अपनाएं एक्सपर्ट का ये तरीका 

Milking Machine: थनैला बीमारी भी नहीं होगी और दूध भी पूरा मिलेगा, अपनाएं एक्सपर्ट का ये तरीका 

Milking Machine गाय-भैंस का दूध निकालने का भी एक तरीका होता है. अगर दूध निकालने के दौरान जरा भी लापरवाही हो जाए तो पशु बीमार हो सकता है. इतना ही नहीं जो दूध पशु ने दिया है वो खराब भी हो सकता है. पशुओं को थनैला जैसी बीमारी भी हो सकती है. थनैला बीमारी को पशुपालन में बड़े नुकसान के तौर पर देखा जाता है.

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Apr 07, 2026,
  • Updated Apr 07, 2026, 12:47 PM IST

डेयरी और पशुपालन में बड़ा नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियों में से एक है थनैला बीमारी. जैसा की नाम से ही पता चल रहा है कि ये गाय-भैंस के थनों की बीमारी है. इस बीमारी के होने पर तीन तरह के नुकसान होते हैं. पहला गाय-भैंस परेशान. दूसरा पशुपालक का दूध उत्पादन घट जाता है और तीसरा ये कि थनैला पीडि़त पशु का दूध पीने से इंसानों में भी इंफेक्शन का खतरा बना रहता है. लेकिन अच्छी बात ये है कि आज डेयरी से लेकर पशुपालन में टैक्नोलॉजी ने खासी जगह बना ली है. अब तो पशुओं का दूध निकालने वाली मिल्किंग मशीन (Milking Machine) भी आ गई है. 

हालांकि आमतौर पर इस मशीन को लेकर पशुपालकों का ये मानना है कि जिनके पास ज्यादा पशु हैं वो इस मशीन का इस्तेमाल करते हैं. जबकि डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो ये सोचना सही नहीं है. जिनके पास अगर चार से पांच गाय-भैंस भी हैं तो उन्हें मिल्किंग मशीन का इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसा करने से पशु बीमारी से दूर रहेगा और पूरा दूध भी मिलेगा. 

दूध की शुद्धता बनी रहती है

हाथ से दूध निकालते समय धूल, बाल और पसीने की बूंद दूध में गिरने का डर लगातार बना रहता है. मशीन एक 'क्लोज्ड सिस्टम'  है, जिसमें दूध सीधे थनों से पाइप के जरिए बाल्टी या टैंक में जाता है. इससे दूध एकदम साफ रहता है और उसकी क्वालिटी भी बनी रहती है.

बना रहता है दूध उत्पादन 

जब अलग-अलग लोग हाथ से दूध निकालते हैं, तो उनके निकालने का तरीका अलग होता है, जिससे पशु कभी कम तो कभी ज्यादा दूध देता है. मशीन का पल्सेशन हमेशा एक जैसा रहता है, जिससे पशु हर रोज पूरा दूध देता है.

पशु आराम में रहता है

अच्छी क्वालिटी की मिल्किंग मशीन प्राकृतिक तरीके से जैसे बछड़ा दूध पीता है ऐसे थनों पर दबाव डालती है. इससे पशु को दर्द भी नहीं होता और वह तनाव मुक्त होकर पूरा दूध देता है. इससे थनों में गांठ बनने या चोट लगने का खतरा भी नहीं रहता है.

मशीन के इस्तेमाल में बरतें सावधानियां

मशीन के पाइप और कप को हर बार इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह गर्म पानी और कीटाणुनाशक से साफ करना बहुत जरूरी है, वरना थनैला (Mastitis) रोग का खतरा हो सकता है.
अगर आप बिजली वाली मशीन ले रहे हैं, तो आपके पास इन्वर्टर या जनरेटर की सुविधा होनी चाहिए, ताकि बिजली कटने पर दूध निकालने में दिक्कत न आए.
हमेशा अच्छी कंपनी की मशीन लें जिसकी सर्विस आपके पास उपलब्ध हो.

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