Artificial Insemination: ये लक्षण बताते हैं कि पशु कृत्रिम गर्भाधान के लिए हीट में आ चुका है 

Artificial Insemination: ये लक्षण बताते हैं कि पशु कृत्रिम गर्भाधान के लिए हीट में आ चुका है 

Artificial Insemination कृत्रिम गर्भाधान (एआई) की सफलता दर इस बात पर भी निर्भर करती है कि पशु की हीट के दौरान ही उसका एआई किया जा रहा है. पशु नस्ल सुधार और प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन में एआई को बढ़ावा दिया जा रहा है. एआई को लेकर पशुपालकों में जागरुकता आ रही है. 

गिर गाय एम्ब्रियो ट्रांसफरगिर गाय एम्ब्रियो ट्रांसफर
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Apr 03, 2026,
  • Updated Apr 03, 2026, 4:23 PM IST

शहर हो या गांव, दो गाय वाला छोटा पशुपालक हो या बड़ा डेयरी फार्म, सभी जगह जागरुकता आ रही है. यही वजह है कि कृत्रिम गर्भाधान (एआई) का कवरेज बढ़ रहा है. अब सिर्फ गाय-भैंस ही नहीं भेड़-बकरियों को भी एआई से गाभि‍न कराया जा रहा है. एआई को बढ़ावा देने के लिए सरकार भी पशुपालकों को इसके फायदे बता रही है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो सफल एआई के लिए ये जरूरी है कि पशु हीट में आ चुका हो. पशु हीट में आया है या नहीं ये पशु के कुछ खास लक्षणों को देखकर पता चल जाता है. एक्सपर्ट के मुताबिक गाय-भैंस और भेड़-बकरी सभी का हीट में आने पर एआई किया जा सकता है. 

एआई कराने से पहले वीर्य की क्वालिटी के बारे में भी जान लेना जरूरी है. इसके लिए एआई टेक्नीशि‍यन के पास मौजूद दस्तावेज और सांड के कान में लगे इयर टैग की मदद ली जा सकती है. गौरतलब रहे पशुओं की नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने में ये तकनीक मददगार साबित हो रही है. राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत सरकार इसे बढ़ावा दे रही है. 

ऐसे पता चलेगा पशु हीट में है या नहीं 

  • माउंटिंग के लिए दूसरे पशुओं की ओर बढ़ना और खड़े होना. 
  • योनि (वल्व) में सूजन आना और  बार-बार पेशाब करना. 
  • बेचैनी और बेलोइंग (चिल्लाना) भी हीट में आने के लक्षण हैं. 
  • सर्वाइकल म्युकस डिस्चार्ज की लंबी और साफ लड़ी (स्टैंड) योनि से लटकती है. 
  • हीट में आने पर पशु खाना कम कर देता है. 
  • हीट में आने वाले पशु का दूध उत्पादन कम होने लगता है. 
  • हीट में आते ही पशु को 12 घंटे के अंदर गर्भाधान करा देना चाहिए. 
  • सुबह के समय गर्मी में आए तो शाम को गर्भाधान करा दें. 
  • पशु शाम को हीट में आए तो अगली सुबह तक गर्भाधान करना चाहिए. 

ये हैं भैंस की हीट के लक्षण 

हीट में आए पशु के हीट स्टेज और रेक्टल पल्पेशन के माध्यम से सर्वाइकल डिस्चार्ज की गुणवत्ता की पुष्टि करने के बाद पशु के एआई किए जाने का अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए. भैंसें अक्सर गर्मी में आने के उचित संकेत नहीं देती हैं, इसी को साइलेंट हीट कहा जाता है. साइलेंट हीट में पशु गर्मी में आने के कोई संकेत नहीं देता है या फिर कुछ ही व्यवहारिक संकेत देता है वो भी बहुत कम वक्त के लिए. 

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