
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के अलवर में डेयरी और पशुपालकों को लेकर बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि अलवर में 5 लाख लीटर प्रतिदिन दूध क्षमता वाली सरस डेयरी के लिए भूमि पूजन हो चुका है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा. अमित शाह ने कहा कि डेयरी से क्षेत्र के हजारों पशुपालकों को फायदा मिलेगा, जब किसानों और पशुपालकों के खाते में दूध की बिक्री का पैसा सीधे पहुंचेगा, तो इसका असर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा. उन्होंने सहकारिता और डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों में रोजगार और कमाई बढ़ाने का अहम माध्यम बताया.
अमित शाह ने गुजरात की डेयरी व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लाखों महिलाएं सहकारिता से जुड़ी हैं और डेयरी के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सहकारिता के जरिए ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी के लिए भी आर्थिक अवसर पैदा किए जा सकते हैं. उन्होंने राजस्थान में सेक्स सॉर्टेड सीमेन उत्पादन की व्यवस्था विकसित करने की इच्छा जताई. अमित शाह ने कहा कि यदि राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराती है, तो राजस्थान में ही सेक्स सॉर्टेड सीमेन तैयार करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे अधिक संख्या में बछिया पैदा हो और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने वाली नस्लों को प्रोत्साहित किया जा सके.
सहकारिता मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पशु बीमा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पशुपालकों के लिए बीमा व्यवस्था से आने वाले समय में दुग्ध उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. उन्होंने अलवर की पशुपालक महिलाओं से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बताया गया कि दूध का भुगतान 15 दिन में मिलता है. उन्होंने ने कहा कि सरस डेयरी के माध्यम से प्रयास किया जाएगा कि भुगतान की अवधि घटाकर सात दिन की जाए और पशुपालकों के खाते में जल्द भुगतान पहुंच सके. उन्होंने इसे सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
उन्होंने कहा कि अलवर के अलावा राजस्थान के भीलवाड़ा, जयपुर, पाली और राजसमंद में भी सरस डेयरी के नए प्लांट शुरू किए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं से दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. उन्होंने फलोदी, बालोतरा, डीडवाना और प्रतापगढ़ में जिला सहकारी बैंकों की शुरुआत का भी उल्लेख किया. अमित शाह ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है.
अमित शाह ने कहा कि राजस्थान में वर्तमान में करीब चार हजार सहकारी समितियां हैं, लेकिन लक्ष्य ऐसा राजस्थान बनाना है जहां कोई भी गांव सहकारिता से अछूता नहीं रहे. उन्होंने सहकारी समितियों और गोदामों के विस्तार का भी जिक्र किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में किसानों के लिए शुरू की गई अलग-अलग योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, सिंचाई, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, कृषि आधारभूत ढांचे और सहकारिता के क्षेत्र में लगातार काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है.
कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोलते हुए अमित शाह ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीद और विभिन्न फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि का मुद्दा उठाया. उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में किसानों को उनकी फसलों का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए MSP में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है. उन्होंने बाजरा, सरसों, गेहूं, कपास और ज्वार के समर्थन मूल्य में वृद्धि के आंकड़े भी सभा में गिनाए. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए केंद्र सरकार ने लगातार योजनाएं शुरू की हैं और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं.