Animal Care: बरसात में पशुओं को मीठा सोडा खि‍ला रहे हैं तो जरूर अपनाएं ये उपाय

Animal Care: बरसात में पशुओं को मीठा सोडा खि‍ला रहे हैं तो जरूर अपनाएं ये उपाय

Animal Care अगर आप गाय-भैंस को मीठा सोडा खि‍ला रहे हैं तो बहुत ही कम मात्रा से शुरुआत करें. कुछ ऐसे भी मौके होते हैं जब पशुओं को बहुत ही एहतियात के साथ खि‍लाना चाहिए या फिर खि‍लाना ही नहीं चाहिए. एक्सपर्ट मीठा सोडा खि‍लाने की मना नहीं करते हैं, लेकिन कब और कितना खि‍लाना है इसका एक तरीका है. 

नासि‍र हुसैन
  • बदरपुर,
  • Aug 17, 2026,
  • Updated Aug 17, 2026, 3:18 PM IST

बरसात के साथ ही पशुपालकों के लिए परेशानियां बढ़ जाती हैं. सबसे ज्यादा परेशानी होती है पशु के ज्यादा खाने से या नहीं खाने से. ये दो ऐसे हालात होते हैं जब पशुपालक के दिमाग में बस एक ही बात आती है कि क्या करें और क्या नहीं करें. इतना ही नहीं इसी मौसम में दूध की क्वालिटी भी गिरने लगती है. दूध में फैट और एसएनएफ की कमी होने लगती है. और तो और दूध उत्पादन भी कम होने लगता है. और इसी दौरान कुछ पशुपालक गाय-भैंस को मीठा सोडा खि‍लाना शुरू कर देते हैं. 

क्योंकि बरसात के दौरान होता है कि खासतौर पर पशुओं का पेट खराब हो जाता है. और पशुओं से जुड़ी कई तरह की परेशानियों में मीठा सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) बहुत फायदेमंद साबित होता है. लेकिन ऐसा भी नहीं करना चाहिए कि पशुओं को पेट संबंधी कुछ भी परेशानी हो और उसे मीठा सोडा दे दिया जाए. कई बार ये नुकसान भी पहुंचा सकता है. इंसान हों या पशु सभी के शरीर में सोडियम की मात्रा तय है. कम और ज्यादा सोडा होने पर नुकसान हो सकता है. 

मीठा सोडा खि‍लाने के एक्सपर्ट टिप्स  

  • दुधारू पशुओं के लिए मीठा सोडा बहुत ही उपयोगी माना जाता है. पशुपालन में इसका इस्तेमाल खासतौर पर पशु के पाचन को सुधारने और दूध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाता है.
  • मीठा सोडा के फायदे 
  • जब गाय-भैंस या भेड़-बकरी ज्यादा दाना या अनाज खा लेते हैं तो एसिडिटी बढ़ जाती है. मीठा सोडा इस एसिडिटी को कम करके पेट का pH लेवल संतुलित रखता है.
  • पशु का पाचन सही रहता है तो उसके दूध में फैट भी अच्छी मात्रा में बनता है. 
  • पशु की खुराक कम हो रही है या जुगाली कम कर रहा है, तो मीठा सोडा देने से उसकी भूख और खाने की क्षमता बढ़ती है.
  •  पेट में गैस बनने या पेट फूलने जिसे अफरा भी कहा जाता है की परेशानी मीठा सोडा देने से ठीक हो जाती है. 
  • एसिडिटी की वजह से पशु को दस्त हो गए हैं, गोबर पतला कर रहा है, तो मीठा सोडा दे सकते हैं.

मीठा सोडा खि‍लाने का सही तरीका 

एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक मीठा सोडा खि‍लाने की का वक्त और उसकी मात्रा हमेशा पशु की स्थिति और उसकी डाइट के हिसाब से तय की जाती है. 
 सामान्य हालात में 30 से 50 ग्राम रोजाना दाना मिश्रण में मिलाकर खि‍लाया जा सकता है. 
 एक्सपर्ट की सलाह पर  ज्यादा दूध देने वाले पशुओं को 50 से 100 ग्राम तक दे सकते हैं. 
अफारा या गैस होने पर 100 ग्राम मीठा सोडा तेल या पानी के साथ घोल बनाकर दे सकते हैं. 

मीठा सोडा कब देना जरूरी है

जब पशु की खुराक में शामिल दाना अचानक बदला जा रहा हो. 
जब पशुओं की खुराक में अनाज, खली ज्यादा और हरा चारा कम हो.
अगर पशु जुगाली कम कर रहा है तो उसे मीठा सोडा दे सकते हैं. 

जरूर बरतें ये सावधानियां 

लगातार मीठा सोडा न खि‍लाएं, जब पशु को ज्यादा दाना खि‍लाया जा रहा हो या पाचन की परेशानी हो. 
पशुओं को साधारण नमक खि‍ला रहे हैं तो सोडे की मात्रा का ध्यान रखें, जिससे शरीर में सोडियम का संतुलन न बिगड़े.
पशु गाभि‍न है या कोई दूसरी गंभीर बीमारी है तो डॉक्टरी सलाह पर ही मीठा सोडा खि‍लाएं. 

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