बीते दिनों आईं तीन-चार खबरों ने खलबली मचा दी है. खबर ये थीं कि गाय-भैंस को उस कुत्ते ने काट लिया जिसे रेबीज नाम की जानलेवा बीमारी हो गई थी. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो ऐसे में गाय-भैंस भी रेबीज पीडि़त हो जाती हैं. गाय-भैंस में दिखने वाले कुछ लक्षण बता देते हैं कि गाय-भैंस को भी रेबीज हुआ है या नहीं. जैसे ही ये लक्षण दिखने लगें तो फौरन ही गाय-भैंस के दूध का इस्तेमाल रोक देना चाहिए. हालांकि इसमे पूरी ईमानदारी सिर्फ और सिर्फ पशुपालक को दिखानी होगी. अगर पशुपालक ने दूध का लालच करते हुए उसे बेच दिया तो इसका बड़ा नुकसान दूध पीने वालों को उठाना होगा.
एक्सपर्ट के मुताबिक रेबीज पीडि़त पशु अगर किसी दूसरे पशु या किसी इंसान को काट लेता है तो वो भी रेबीज पीडि़त हो जाता है. और जब उस रेबीज पीडि़त पशु यानि गाय-भैंस का दूध इस्तेमाल किया जाता है तो पीने वाला भी रेबीज की चपेट में आ जाता है. इसलिए कुत्ते ही नहीं गाय-भैंस में रेबीज के लक्षणों की जानकारी होना बहुत जरूरी है.
ये लक्षण बताते हैं गाय-भैंस को रेबीज है
- अचानक से दूध उत्पादन कम हो जाना.
- बहुत ज्यादा मात्रा में मुंह से लार टपकना या झाग आना.
- पानी हो या चारा निगलने में गाय-भैंस को परेशानी होती है.
- गाय-भैंस जोर-जोर से अजीब तरीके की आवाजें निकलती हैं.
- उत्तेजित दिखना, चिड़चिड़ी हो जाना, किसी पर भी हमला करना.
- गाय-भैंस के पीछे के पैरों में कमजोरी और लकवा जैसा दिखना.
- लक्षण दिखने के कुछ दिन बाद ही गाय-भैंस की मौत हो जाती है.
कुत्तों में रेबीज के 12 लक्षण
- व्यवहार बदल जाता है. उत्तेजित और चिढ़चिढ़े हो जाते हैं.
- लगातार मुंह से लार या पानी और झाग निकलना.
- कुछ भी खाने-पीने की चीजों को निगलने में परेशानी होती है.
- भूख कम हो जाती है और खाना-पीना छोड़ देता है.
- बैचेनी और घबराहट होती है, इसलिए शांत नहीं बैठता है.
- तेज आवाज में भौंकना, चिल्लाना और हुआं-हुआं की आवाज निकालना.
- इंसान और पशु ही नहीं किसी भी तरह के सामान को काटने की कोशिश करना.
- कमजोरी होना और चलने के दौरान लड़खड़ाना दिखने लगता है.
- अटैक पड़ने लगता है और पीछे के दोनों पैर धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं.
- रेबीज पीडि़त कुत्ते को दौरे पड़ने लगते हैं, कभी-कभी झटके महसूस होते हैं.
- ज्यादातर समय बेहोश रहना या कोमा में चले जाना.
- ये लक्षण अगर दिख रहे हैं तो ऐसे कुत्तों की 2 से 7 दिनों के अंदर मौत हो जाती है.
रेबीज के बारे में खास बातें
- एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि रेबीज से बिल्ली, बकरी, भेड़, घोड़ा समेत दूसरे जंगली पशु भी पीडि़त हो सकते हैं.
- पीडि़त पशु को अलग रखें और दूसरे पशुओं और इंसानों के संपर्क में न आने दें.
- सभी पालतू पशुओं को समय पर रेबीज का टीका जरूर लगवाएं.
- आवारा, अज्ञात और बीमार पशुओं के संपर्क से दूर रहें.
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