
देश में राजस्थान के अलावा और भी दूसरे राज्यों में ऊंट पाले जाते हैं. लेकिन अब सच्चाई ये है कि ऊंटों की संख्या लगातार कम हो रही है. सबसे ज्यादा ऊंट राजस्थान में पाए जाते थे, लेकिन अब राजस्थान तो क्या मध्य प्रदेश और हरियाणा में भी ऊंटों की संख्या कम हो रही है. एक्सपर्ट के मुताबिक देशभर में ऊंटों की संख्या कम होने की कई छोटी-बड़ी वजह हैं, लेकिन अभी जरूरत ऊंटों की संख्या को बढ़ाने की है. राजस्थान समेत सभी राज्यों में ऊंटों की संख्या को बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स का पालन करना होगा. साथ ही ऐसे काम से भी बचना होगा जिसके चलते देश में ऊंटों की संख्या कम हुई है.
सबसे ज्यादा ऊंट राजस्थान में पाए जाते हैं. इसीलिए ऊंट को राजस्थान में राज्य पशु घोषित किया गया था. लेकिन कई वजहों के चलते अब ऊंटों की संख्या न सिर्फ राजस्थान में बल्किा देश के दूसरे राज्यों में भी कम होने लगी है. लेकिन अच्छी खबर ये है कि ऊंटों की संख्या कैसे बढ़ाई जाए इस पर भी काम चल रहा है. हाल ही में राजस्थान सरकार ने ऊंटों की कम होती संख्या पर परेशानी जाहिर की थी.
राजस्थान के राज्य पशु ऊंटों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य में ऊष्ट्र संरक्षण एवं विकास मिशन के तहत ऊंटों के प्रजनन को प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसके लिए पशुपालन निदेशालय में अलग से एक मिशन का गठन किया गया है. इस मिशन के तहत ही और दूसरे काम भी किए जा रहे हैं. उनमे शामिल कार्यों में-
एक्सपर्ट की मानें तो कुछ वक्त पहले तक खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में ऊंटों का बहुत महत्व था. वहां कृषि और ट्रांसपोर्ट के लिए ऊंट का बहुत इस्तेमाल होता था. खेती से जुड़ा हर छोटा-बड़ा काम ऊंट की मदद से किया जाता था. इसी तरह से माल ढुलाई हो या फिर सवारी के रूप में लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाना हो, उसके लिए भी ऊंट गाड़ी या फिर सीधे ही ऊंट पर बैठकर सफर किया जाता था. लेकिन अब दोनों ही क्षेत्रों में हुई हाईटेक तरक्की के चलते ऊंटों का इस्तेमाल कम हो गया है.
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