Dairy Milk Production: पशुपालन और डेयरी में कमाना है मुनाफा, तो ये हैं एक्सपर्ट टिप्स 

Dairy Milk Production: पशुपालन और डेयरी में कमाना है मुनाफा, तो ये हैं एक्सपर्ट टिप्स 

Dairy Milk Production हाईटेक डेयरी टेक्नोलॉजी के बाद भी प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमारा देश बहुत पीछे हैं. विश्व में कई छोटे-बड़े देश प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमसे बहुत ज्यादा हैं. डेयरी एक्सपोर्ट के मामले में भी आगे हैं. लेकिन हम दोनों ही क्षेत्रों में पीछे हैं. इसी में सुधार लाने के लिए एक्सपर्ट मिल्क रेव्युलेशन-2 और खास 20 टिप्स पर जोर दे रहे हैं.

यूपी में 6 जिलों की महिलाएं रोज कर रहीं पौने चार लाख लीटर दूध का कारोबारयूपी में 6 जिलों की महिलाएं रोज कर रहीं पौने चार लाख लीटर दूध का कारोबार
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Mar 10, 2026,
  • Updated Mar 10, 2026, 1:59 PM IST

ढाई दशक से भी ज्यादा वक्त से भारत दूध उत्पादन में नंबर वन है. विश्व दूध उत्पादन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हमारे देश की है. विश्व के कुल दूध उत्पादन में हमारी हिस्सेदारी 25 फीसद है. डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि ये आंकड़ा डबल भी हो सकता है, क्योंकि हमारे देश में दूध देने वाले पशुओं की संख्या ज्यादा है. लेकिन हमारे यहां प्रति पशु दूध उत्पादन बहुत कम है. यही वजह है कि जिन देशों में पशुओं की संख्या कम है वहां भी बड़ी मात्रा में दूध उत्पादन हो रहा है. डेयरी प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट भी खूब हो रहा है. 

लेकिन दूध में नंबर वन भारत एक्सपोर्ट की टॉप 10 की लिस्ट में भी शामिल नहीं है. इसी को देखते हुए डेयरी एक्सपर्ट लगातार पशुपालन और डेयरी सेक्टर में कुछ खास बदलाव की सलाह दे रहे हैं. इसके लिए खासतौर पर 20 ऐसे टिप्स तैयार किए गए हैं जो पशुपालन और डेयरी में मुनाफे को बढ़ा सकते हैं. इसी को देखते हुए मिल्क रेव्युलेशन-2 की भी शुरुआत भी की गई है. क्योंकि इंडियन डेयरी का ढांचा इस तरह का है कि उसके हिसाब से दूध उत्पादन को कभी भी बढ़ाया जा सकता है. 

डेयरी में ऐसे बढ़ेगा दूध और मुनाफा 

  • अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. आरएस सोढ़ी ने डेयरी में मुनाफा बढ़ाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं. डेयरी की तस्वीर बदलने के लिए छह बिन्दुओं पर मिल्क रेव्युलेशन-2 की तरह से काम करना होगा. 
  • अगर ऐसा होता है तो डेयरी सेक्टर और उससे जुड़े पशुपालकों की तस्वीर एकदम बदल जाएगी. 
  • इसके लिए पहले तो हमे प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा. 
  • आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के साथ ही उनकी संख्या भी बढ़ानी होगी. 
  • एक्सपोर्ट और घरेलू दोनों लेवल के बाजार का दायरा बढ़ाना होगा. 
  • इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड को देखते हुए घी पर बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है. 
  • सरकार की मदद से कोऑपरेटिव, डेयरी वैल्यू चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा. 
  • मौजूदा वक्त की सबसे बड़ी परेशानी को देखते हुए पशुओं की चारा लागत को कम करना होगा.  

ऐसे बढ़ेगी पशुपालकों की इनकम 

  • आज सबसे बड़ी जरूरत ज्यादा से ज्यादा किसानों को पशुपालन में लाने की है. 
  • जो पहले से काम कर रहे हैं उन्हें रोकने पर भी ध्यान देना होगा. 
  • चार-पांच गाय-भैंस पालने वाले पशुपालक को कुछ बचता नहीं है. 
  • क्योंकि दूध की कमाई का एक बड़ा हिस्सा चारे में खर्च हो जाता है. 
  • लगातार बिजली-डीजल महंगी होने से लागत बढ़ गई है. 
  • किसान के बच्चे आज पशुपालन में भविष्य बनाना नहीं चाहते हैं. 
  • जब तक पशुपालन अर्गेनाइज्ड नहीं होगा तो दूध उत्पादन की लागत भी कम नहीं होगी. 

प्रोडक्ट की पैकेजिंग देना होगा ध्यान 

  1. खासतौर पर खाने की चीजों पर अच्छी या खराब पैकेजिंग का असर पड़ता है. 
  2. दूध को छोड़कर बाकी सारे डेयरी प्रोडक्ट प्रोसेस होते हैं. 
  3. आइसक्रीम में भी पैकिंग का बड़ा रोल है. 
  4. पैकिंग के चलते ही डेयरी प्रोडक्ट के रेट बाजार पर भी असर डालते हैं.

Meat Production: पश्च‍िम बंगाल नहीं, UP को द‍िया गया मीट उत्पादन में नंबर वन बनने का टॉरगेट 

PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत

MORE NEWS

Read more!