
पोल्ट्री एक्सपर्ट के मुताबिक मुर्गियां बहुत ही सेंसेटिव होती हैं. जरा सी भी सर्दी-गर्मी को बर्दाशत नहीं कर पाती हैं. अगर पोल्ट्री शेड में सर्दी या गर्मी ज्यादा हो जाए तो इसके चलते मुर्गियों की मौत तक हो जाती है. यही वजह है कि शेड में तापमान कंट्रोल करने की सलाह दी जाती है. जैसे गर्मियों में तापमान कितना होना चाहिए और अगर ज्यादा हो जाए तो उसे कंट्रोल कैसे किया जाए. मतलब मानक से ना कम और ना ज्यादा. फार्म में पलने वालीं मुर्गियों को भी गर्मियों में ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है.
खासतौर पर जब बदलता मौसम हो या गर्मी का. क्योंकि एक्सपर्ट का कहना है कि मौसम कोई भी हो, लेकिन पोल्ट्री फार्म के अंदर एक तय तापमान की जरूरत होती है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका सबसे पहला असर अंडे और चिकन के उत्पादन पर पड़ता है. क्योंकि शेड का तापमान बढ़ते ही मुर्गियां तनाव में आ जाती है और उत्पादन घट जाता है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट नवाब अकबर अली का कहना है कि अंडे देने वाली लेयर मुर्गियां हो या फिर ब्रॉयलर चिकन सभी को पोल्ट्री फार्म में 25 से 26 डिग्री तापमान की जरूरत होती है. अगर तापमान इससे कम या ज्यादा होता है तो मुर्गियां परेशान होने लगती हैं. मुर्गियों को मौसम की इस परेशानी से बचाने के लिए पोल्ट्री फार्म में तापमान बताने वाले उपकरण लगाए जाते हैं. जैसे गर्मी के मौसम में तापमान 45 से 49 डिग्री तक चला जाता है. तो ऐसे तापमान में मुर्गियां गर्मी की चपेट में न आएं और उन्हें ठंडक मिलती रहे इसके लिए फार्म में कूलर और कूलिंग पैड लगाए जाते हैं. कूलर का इस्तेमाल खासतौर पर अंडे देने वाली लेयर मुर्गी के फार्म में किया जाता है. ब्रॉयलर चिकन के बड़े-बड़े फार्म में भी कूलर का इस्तेमाल होता है.
एक्सपर्ट के मुताबिक मुर्गियां किसी भी तरह के मौसम में खुद को असहज महसूस करती हैं. और इसका सीधा असर अंडे और चिकन के उत्पादन पर पड़ता है. उत्पादन बना रहे इसके लिए सर्दी-गर्मी हर तरह के मौसम में मानक के हिसाब से पोल्ट्री फार्म में तापमान को बनाए रखना चाहिए. साल में 365 दिन होते हैं. जबकि अंडा देने वाली लेयर बर्ड (मुर्गी) एक साल में 290 से लेकर 325 तक ही अंडे देती है. 40 से 75 दिन अंडा न देने के पीछे एक्सपर्ट वैसे तो बहुत सारी वजह बताते हैं, लेकिन कुछ ऐसी बातें भी हैं जिनसे मुर्गी असहज महसूस करती है. अगर इसकी रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ भी थोड़ा सा अलग होता है तो यह अंडा देना बंद कर देती है.
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