Water for Animal: पशु प्यासा है या नहीं, ऐसे करें पहचान, पानी नहीं मिले तो हो जाता है बीमार 

Water for Animal: पशु प्यासा है या नहीं, ऐसे करें पहचान, पानी नहीं मिले तो हो जाता है बीमार 

Water for Animal पशुओं को पानी पिलाने से जुड़ी केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी के तहत पशुओं को पानी पिलाने से जुड़े कुछ टिप्स सोशल मीडिया पर जारी किए हैं. मंत्रालय का दावा है कि अगर दिए गए टिप्स के मुताबिक पशुओं के लिए पीने के पानी का इंतजाम किया जाता है तो पशु हेल्दी बने रहेंगे और बीमारी उनके आसपास भी नहीं फटकेगी. 

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Feb 10, 2026,
  • Updated Feb 10, 2026, 8:30 AM IST

जीवन निर्वाह ही नहीं, बीमारियों से बचाने और अच्छे उत्पादन के लिए पानी बहुत जरूरी है. पशु यानि गाय-भैंस और भेड़-बकरियों को पानी न मिले तो संक्रमण और बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि मौसम के हिसाब से पशुओं को दिनभर पानी पिलाने का वक्त तय कर लें. उसी के हिसाब से पशु के सामने पानी रखते रहें. क्योंकि पशुपालन हो या पोल्ट्री पालन, दोनों ही जगह पीने के पानी का बड़ा ही महत्व है. आपको सुनकर अटपटा लगेगा कि पशु उत्पादन का उत्पादन घटने और बढ़ने में पीने का पानी भी एक बड़ा कारण हैं. क्योंकि पशु है तो ये नहीं जहां चाह वहां उसे नहर, पोखर का पानी पिला दिया. 

पशु-पक्षि‍यों को भी हेल्दी रखने और उनसे उत्पादन लेने के लिए जरूरी है कि खाने के साथ-साथ पीने के पानी का भी ख्याल रखा जाए. पीने के पानी के बर्तन को साफ रखा जाए. ताजा पानी ही पशुओं को पिलाया जाए. पीने का पानी अगर साफ नहीं है तो पशु को बीमार पड़ने और उत्पादन घटने में देर नहीं लगेगी. वहीं अगर साफ-सफाई के साथ पानी पिलाया जा रहा है, पानी में मौजूद टीडीएस को कंट्रोल किया जा रहा है तो पशु-पक्षि‍यों के बीमार पड़ने का खतरा कम हो जाता है. 

मंत्रालय ने पीने के पानी पर दिए ये टिप्स  

पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर पशुओं को पीने के पानी से जुड़ी टिप्स देते हुए कहा है कि हर संभव कोशि‍श की जाए कि पशुओं को ताजा पानी ही पीने के लिए दें. जैसे सुबह उस बर्तन या जगह से पानी को खाली कर दें जहां पशु पानी पीता है. पानी खाली करने के बाद उस बर्तन और जगह की अच्छी तरह से सफाई कर दें. अगर पानी की उस जगह पर अल्गी और गंदगी लगी है तो उसे अच्छी तरह से साफ कर दें. जब ये लगे कि सफाई अच्छी तरह से हो गई है तो उसमे ताजा पानी भर दें. अगर सर्दियों का मौसम है तो एकदम ठंडा यानि खुले में रखा रात का पानी बिल्कुल भी न पिलाएं. नलकूप का निकला ताजा पानी ही पशुओं को पिलाएं. 

पशुओं में पानी की कमी ऐसे पहचानें

जब पशुओं में पानी की कमी हो जाती है तो कई तरह के लक्षण से इसे पहचाना जा सकता है. जैसे पशुओं को भूख नहीं लगती है. सुस्ती और कमजोर हो जाना. पेशाव गाढ़ा होना, वजन कम होना, आंखें सूख जाती हैं, चमड़ी सूखी और खुरदरी हो जाती है और पशुओं का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. और सबसे बड़ी पहचान ये है कि जब हम पशु की चमढ़ी को उंगलियों से पकड़कर ऊपर उठाते हैं तो वो थोड़ी देर से अपनी जगह पर वापस आती है.

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