Goat for Bakrid: महाराष्ट्र में राजस्थान के तो बंगाल में यूपी के बकरे बिखेर रहे जलवा

Goat for Bakrid: महाराष्ट्र में राजस्थान के तो बंगाल में यूपी के बकरे बिखेर रहे जलवा

Goat for Bakrid बकरीद पर कुर्बानी के लिए ऐसे बकरों की बिक्री ज्यादा होती है जो हैल्थ और हाईट में अच्छे हों. दिखने में खूबसूरत हों. और तो और वजन अगर 50 किलो से ज्यादा है तो फिर ये सोने पर सुहागा है. यही वजह है कि दूसरे राज्यों में भी राजस्थान की तीन खास नस्ल और यूपी की दो नस्ल के बकरों की बहुत डिमांड रहती है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • May 25, 2026,
  • Updated May 25, 2026, 1:43 PM IST

गुजरी, सोजत, सिरोही, बरबरी और जमनापारी, ये नाम हैं बकरों की नस्ल के. खासतौर पर बकरदी के दौरान ये नाम बहुत ज्यादा सुनाई में आते हैं. बकरीद पर कुर्बानी के लिए इन खास नस्ल के बकरों की बहुत डिमांड रहती है. बकरों की ये सभी नस्ल राजस्थान और यूपी की हैं, लेकिन इनकी धूम महाराष्ट्र और पश्चिडम बंगाल तक रहती है. गुजरी, सोजत, सिरोही राजस्थान की हैं तो बरबरी और जमनापारी नस्ल यूपी की हैं. अच्छी खि‍लाई-पिलाई के चलते राजस्थानी नस्ल के बकरे 100 किलो से लेकर 150 और 170 किलो तक के हो जाते हैं. 

वहीं यूपी के बकरे 60 से 70 किलो तक के हो जाते हैं. यही वजह है कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए महाराष्ट्र और बंगाल में राजस्थान, यूपी से बड़ी संख्या में ट्रकों में भरकर बकरे भेजे जाते हैं. गोट एक्सपर्ट की मानें तो इन्हें स्वाद के चलते ज्यादा पसंद किया जाता है. विदेशों में भी खासतौर पर बरबरे और जमनापारी बकरों की ही डिमांड रहती है. 

यूपी की शान हैं ये दो बकरे

बरबरा बकरा- 

इस नस्ल के बकरे की हाइट दो से ढाई फुट तक होती है. हाइट ज्यादा न होने से खूब मोटा ताजी दिखता है. एक साल की उम्र में ये कुर्बानी के लिए तैयार हो जाता है. इसके कान छोटे और खड़े होते हैं. ये आगरा, इटावा, फिरोजाबाद, मथुरा और कानपुर में पाया जाता है. इस बकरे के रेट कम से कम 12 हजार रुपये से शुरु होते हैं. बकरीद के मौके पर इस नस्ल का बकरा 50 हजार रुपये से भी ज्यादा का बिक जाता है.

जमनापरी बकरा- 

जमनापारी नस्ल यूपी के इटावा में मिलती है. इसके अलावा यह मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में भी पाई जाती है. ये लम्बा होता है और इसके कान मीडियम साइज के होते हैं. दिखने में मोटा और भारी होता है. इसका रंग आमतौर पर सफेद होता है. लेकिन कभी-कभी कान और गले पर लाल रंग की धारियां भी होती हैं. बकरे-बकरी दोनों के पैर के पीछे ऊपर लम्बे बाल होते हैं. इसकी नाक उभरी हुई होती है और उसके आसपास बालों के गुच्छे होते हैं. ये 15 से 20 हजार रुपये में आसानी से मिल जाता है.

राजस्थानी बकरों की है धूम

सोजत बकरा- 

सोजत नस्ल का बकरा राजस्थान के नागौर, पाली, जैसलमेर और जोधपुर में पाया जाता है. यह जमनापरी की तरह से सफेद रंग का बड़े आकार वाली नस्ल का बकरा है. इसे खासतौर पर मीट के लिए पाला जाता है. इस नस्ल का बकरा औसत 60 किलो वजन तक का होता है. वहीं बकरी दिनभर में एक लीटर तक दूध देती है. सोजत की नार्थ इंडिया समेत महाराष्ट्रा में भी खासी डिमांड रहती है.

सिरोही- 

सिरोही- ये ब्राउन और ब्लैक कलर में पाया जाता है. इस पर सफेद रंग के धब्बे होते हैं. इस नस्ल का बकरा दिखने में खासा ऊंचा होता है. ये नस्ल सिर्फ राजस्थान में ही पाई जाती है. ये बकरा बाजार में कम से कम 15 से 20 हजार रुपये में मिल जाता है.

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