Dairy Production: डेयरी एक्सपर्ट के ये 6 टिप्स अपनाए तो पशुपालन में बढ़ जाएगा मुनाफा, पढ़ें डिटेल 

Dairy Production: डेयरी एक्सपर्ट के ये 6 टिप्स अपनाए तो पशुपालन में बढ़ जाएगा मुनाफा, पढ़ें डिटेल 

Dairy and Animal Husbandry डेयरी टेक्नोलॉजी के मामले में हम पीछे नहीं हैं. लेकिन तमाम तरह की टेक्नोलॉजी के बावजूद हम प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में बहुत पीछे हैं. विश्व में कई छोटे-छोटे देश प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमसे बहुत आगे हैं. हालांकि डेयरी एक्सपर्ट छह बिन्दुओं पर काम करने की सलाह देते हैं. ये सभी बिन्दु मिल्क रेव्युलेशन-2 में भी शामिल हैं.  

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 06, 2026,
  • Updated Jan 06, 2026, 3:58 PM IST

Dairy and Animal Husbandry दूध उत्पादन के मामले में भारत लगातार पहली पोजिशन पर बना हुआ है. दूध का उत्पादन 25 करोड़ टन पर पहुंच चुका है. बीते 25 साल से ज्यादा नंबर वन का खि‍ताब भारत के नाम है. डेयरी एक्सपर्ट का दावा है कि हमारे यहां डेयरी और पशुपालन का स्ट्राक्चर कुछ इस तरह का है कि कभी भी उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है. लेकिन कुछ वजह ऐसी हैं जिसके चलते देश में पशुपालन नहीं बढ़ रहा है. डेयरी प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट दो-तीन आइटम को छोड़कर नहीं बढ़ रहा है. जबकि दूध उत्पादन हर साल बढ़ रहा है. यही वजह है कि देश में दूध उत्पादन बढ़ने के बाद भी पशुपालकों का मुनाफा नहीं बढ़ रहा है. 

50 साल पहले देश में दूध का उत्पादन 2.4 करोड़ टन था. आज हमारे देश में हर रोज करीब 60 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन होता है. लेकिन इसके बाद भी देश में पशुपालन करने वालों के हालात ठीक नहीं हैं. नई पीढ़ी पशुपालन में नहीं आ रही है. डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि ये छह काम डेयरी में हो जाएं तो डेयरी सेक्टर को फिर तरक्की करने से कोई नहीं रोक सकता है.   

मुनाफा बढ़ाएंगे पशुपालन में होने वाले ये 6 काम 

इंडियन डेयरी एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट और अमूल के पूर्व एमडी डॉ. आरएस सोढ़ी का कहना है कि अगर डेयरी सेक्टर की तस्वीर बदलनी है तो हमे छह खास काम करने पर जोर देना होगा. ये छह बिन्दु मिल्क रेव्युलेशन-2 की तरह से काम करेंगे. अगर ऐसा होता है तो डेयरी सेक्टर और उससे जुड़े पशुपालकों की तस्वीर एकदम बदल जाएगी. लेकिन इसके लिए पहले तो हमे प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा.

आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के साथ ही उनकी संख्या भी बढ़ानी होगी. एक्सपोर्ट और घरेलू दोनों लेवल के बाजार का दायरा बढ़ाना होगा. इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड को देखते हुए घी पर बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है. इतना ही नहीं सरकार की मदद से कोऑपरेटिव, डेयरी वैल्यू चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा. और मौजूदा वक्त की सबसे बड़ी परेशानी को देखते हुए पशुओं की चारा लागत को कम करना होगा. 

डेयरी प्रोडक्ट की पैकेजिंग का भी है बड़ा रोल

बीके करना, डायरेक्टर, पैकेजिंग क्लीनिक एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट का कहना है कि खासतौर पर खाने की चीजों पर अच्छी या खराब पैकेकिंग का असर पड़ता है. और डेयरी प्रोडक्ट तो इसमे अहम है. दूध को छोड़कर बाकी सारे डेयरी प्रोडक्ट प्रोसेस होते हैं. आइसक्रीम में भी पैकिंग का बड़ा रोल है. इतना ही नहीं पैकिंग के चलते ही डेयरी प्रोडक्ट के रेट बाजार पर भी असर डालते हैं.

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