Milk Production: बरसात में भी फैट और एसएनएफ से भरपूर दूध देंगी गाय-भैंस 

Milk Production: बरसात में भी फैट और एसएनएफ से भरपूर दूध देंगी गाय-भैंस 

Milk Production किसी भी वजह से पशु की खुराक में कहीं कोई कमी रह जाती है या महंगाई के चलते पशुपालक कुछ लापरवाही बरतते हैं तो उसके चलते भी दूध उत्पादन कम हो जाता है. इसीलिए एनिमल न्यूट्रिशन एक्सपर्ट ने दूध देने वाले पशुओं की खुराक उनकी अवस्था के हिसाब से तय की है. कई बार बीमार होने के चलते भी पशु दूध कम देते हैं.

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 10, 2026,
  • Updated Jul 10, 2026, 3:50 PM IST

मौसम कोई भी हो, लेकिन उम्मीद यही की जाती है कि हर मौसम में पशु भरपूर दूध दे. हालांकि बरसात के दौरान गाय-भैंस अच्छी मात्रा में दूध देती हैं, लेकिन दूध की क्वालिटी बिगड़ जाती है. खासतौर पर दूध में फैट और एसएनएफ की मात्रा घट जाती है. और जब दूध में फैट यानि चिकनाई कम होगी तो बाजार में ऐसे दूध के दाम भी अच्छे नहीं मिलेंगे. जबकि गाय-भैंस पालने का मकसद यही होता है कि ज्यादा दूध मिले और मुनाफा बढ़ जाए. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो कई बार पशु उतना दूध भी नहीं देते हैं जो वो कुछ दिन या कुछ महीने पहले दे रहे होते हैं. 

मतलब उनका दूध उत्पादन कम हो जाता है. हालांकि दूध उत्पादन कम होने के पीछे कई सारी वजह होती हैं. हालांकि पशु के बच्चे से लेकर बड़े पशु और उत्पादन देने वाले पशु सबके लिए अलग-अलग खुराक होती है. यहां तक की सांड (बुल) के लिए भी खुराक तय है. अगर तय खुराक के मुताबिक पशुओं को चारा दिया जा रहा है तो वो उत्पादन भी ज्यादा देंगे और हेल्दी भी रहेंगे. 

पशुओं की खुराक पर एक्सपर्ट टिप्स

एनिमल न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की मानें तो गाय-भैंस हो या फिर भेड़-बकरी, सभी से ज्यादा और अच्छा दूध लेने के लिए जरूरी है कि उसका खानपान भी अच्छा हो, पशु की नस्ल अच्छी हो जिससे जब उसका बछड़ा हो तो उसकी ग्रोथ अच्छी हो और उत्पादन ज्यादा दे. लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि हमारा पूरा ध्यान दूध उत्पादन पर ही रहता है, पशुओं के खानपान पर हम ध्यान नहीं देते हैं.

जबकि सामान्या नियम भी ये है कि गाय-भैंस को कम से कम 10 किलो हरा चारा, पांच किलो सूखा चारा जरूर देना चाहिए. जब इतना खिलाएंगे तभी वो ठीक से दूध भी देगी. इतना ही नहीं अगर गाय-भैंस पांच किलो दूध देती है तो उसे कम से कम 2.5 किलो मिनरल मिक्चर भी खिलाना होगा. 

नस्ल सुधार से बढ़ेगा प्रति पशु दूध उत्पादन  

आज हमारे देश में पशुओं की नस्ल सुधार के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन जैसी तकनीक है. इसकी मदद से हम पशु से हर बार बछिया ले सकते हैं. आज देशभर में सीमेन बैंक भी हैं.  आईवीएफ की मदद से उच्च गुणवत्ता वाले सीमेन का फायदा लेकर अच्छे बछड़े तैयार किए जा सकते हैं. हर राज्य और शहर में सरकारी-प्राइवेट सीमेन सेंटर हैं. सरकारी सेंटर पर तो बहुत ही कम रेट पर अच्छी क्वालिटी का सीमेन मिल जाता है. अब तो बुलावे पर घर-गांव में आकर भी पैरा वैट आर्टिफिशल इंसेमीनेशन तकनीक से पशु को गाभिन करने आते हैं.   

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