
बरसात के दिनों में गाय-भैंस को एक ऐसी बीमारी होती है जो इंसानों को भी नुकसान पहुंचाती है. इस बीमारी के होने की बड़ी वजह बरसात के दिनों में होने वाली गंदगी है. हालांकि ऐसा नहीं है कि आम दिनों में ये बीमारी गाय-भैंस को नहीं होती हैं लेकिन बरसात के दिनों में ये ज्यादा देखने में आती है. इस बीमारी के लक्षण ये हैं कि गाय-भैंस के थनों में सूजन आ जाती है. थनों में जख्म भी हो जाते हैं. दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. और ये सब होता है गाय-भैंस में थनैला बीमारी होने पर. थनैला बीमारी को डेयरी में होने वाला सबसे बड़ा नुकसान माना जाता है.
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि थनैला बीमारी की सबसे बड़ी वजह डेयरी मैनेजमेंट है. जब मैनेजमेंट के दौरान पशुओं की देखभाल में कुछ बातों की अनदेखी की जाती है तो दूध देने वाला पशु थनैला बीमारी का शिकार हो जाता है. इसलिए जरूरी है कि पशु का दूध दुहाने से पहले और बाद में साफ-सफाई से जुड़ी कुछ बातों का ख्याल रखा जाए.
सुबह-शाम गाय-भैंस से मिलने वाले दूध को बड़े-बड़े डेयरी प्लांट या लोकल बाजार में बेचा जाता है. लेकिन गाय-भैंस को होने वाली एक बीमारी पूरे डेयरी सिस्टम को बिगाड़ देती है. पशुपालक को भी मुनाफे की जगह नुकसान होने लगता है. इसलिए जरूरी है कि डेयरी फार्म में साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखा जाए.
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