बिहार में ‘खतरनाक’ मछली के खिलाफ अभियान तेज, कई जिलों में छापेमारी

बिहार में ‘खतरनाक’ मछली के खिलाफ अभियान तेज, कई जिलों में छापेमारी

बिहार में बैन की गई थाई मांगुर मछली के खिलाफ मत्स्य विभाग ने सख्त अभियान शुरू किया है. कई जिलों में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में मछली जब्त की जा रही है और उसे जमीन में गाड़कर नष्ट किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि यह मछली पर्यावरण, दूसरी मछलियों और लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक मानी जाती है.

बिहार में बैन मछली पर बड़ा एक्शन!बिहार में बैन मछली पर बड़ा एक्शन!
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 22, 2026,
  • Updated May 22, 2026, 1:59 PM IST

बिहार में सरकार के द्वारा बैन की गई थाई मांगुर मछली के कारोबार पर सख्ती बढ़ा दी है. राज्य के मत्स्य विभाग की टीम लगातार अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही है. अधिकारियों को जहां भी यह मछली मिल रही है, उसे जब्त करके जमीन में गाड़कर नष्ट किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि यह मछली पर्यावरण और लोगों की सेहत दोनों के लिए नुकसानदायक मानी जाती है. इसलिए इसकी बिक्री और पालन पर पहले से ही रोक लगी हुई है.

क्या है थाई मांगुर मछली?

थाई मांगुर को “वॉकिंग कैटफिश” भी कहा जाता है. यह मछली बहुत तेजी से बढ़ती है और दूसरी छोटी मछलियों को खा जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह मछली तालाबों और नदियों में ज्यादा फैल जाए तो देश की दूसरी मछलियों के लिए खतरा बन सकती है. इसी वजह से भारत के कई राज्यों में इस मछली पर प्रतिबंध लगाया गया है.

पूर्णिया में हुई बड़ी छापेमारी

बिहार के पूर्णिया जिले में मत्स्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की. बायसी इलाके में अधिकारियों ने कई जगहों पर छापा मारा. जांच के दौरान बड़ी मात्रा में थाई मांगुर मछली बरामद हुई. अधिकारियों का कहना है कि यह मछली पश्चिम बंगाल से लाई जा रही थी. जब्त की गई मछलियों को बाद में जमीन में गाड़कर नष्ट कर दिया गया.

लोगों की सेहत को भी खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार थाई मांगुर मछली खाने से लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है. यही कारण है कि सरकार इस मछली की बिक्री रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह मछली पानी में रहने वाली दूसरी मछलियों और जीवों को भी नुकसान पहुंचाती है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है.

लगातार जारी रहेगी कार्रवाई

मत्स्य विभाग ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा. जो लोग चोरी-छिपे इस मछली का व्यापार करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि वे बैन की गई मछलियों का भंडारण और बिक्री तुरंत बंद करें. बिहार सरकार अब इस अवैध कारोबार को पूरी तरह रोकने के लिए जमीन स्तर पर लगातार अभियान चला रही है. (स्मित कुमार का इनपुट)

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