आज का मौसम (फाइल फाेटो)देश के कई हिस्सों में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से 14 अगस्त को ओडिशा और झारखंड में बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं 14 और 15 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश का खतरा है. कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड और उससे लगे गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन अगले 12 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. इसके बाद यह कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है. इसके प्रभाव से 14 अगस्त को झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. झारखंड में 14 से 18 अगस्त के बीच कई जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. ओडिशा में भी 14 से 18 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में तेज हवाओं और आंधी जैसी स्थिति बन सकती है.
उत्तर-पश्चिम भारत में भी मौसम करवट लेने वाला है. मौसम विभाग ने 14 और 15 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर बारिश का अनुमान जताया है. इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अगस्त के बीच बारिश होने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 14 अगस्त और फिर 16 से 20 अगस्त के बीच बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 14 से 20 अगस्त के बीच इन क्षेत्रों में कई जगहों पर बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में 14 से 16 अगस्त और फिर 18-19 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है. हिमाचल प्रदेश में 15-16 अगस्त और 19-20 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश हो सकती है. उत्तराखंड में इस दौरान गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है.
मध्य भारत में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा. 14 से 16 अगस्त तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई जगह बारिश हो सकती है. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 14 से 20 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 14 और 15 अगस्त को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा 16 से 18 अगस्त के बीच भी दोनों राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में 14 से 18 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है.
बिहार में 14 और 15 अगस्त को कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके बाद 16 से 19 अगस्त के बीच राज्य में कई जगह बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने 14 से 19 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का भी अनुमान जताया है. बिहार में 14 से 20 अगस्त के दौरान कुछ जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी मॉनसून सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश में 14 से 20 अगस्त तक कई जगह बारिश होने की संभावना है. असम और मेघालय में 16 से 20 अगस्त के बीच बारिश बढ़ सकती है. अरुणाचल प्रदेश में 16 से 18 अगस्त के दौरान कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में 16 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश का अनुमान है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 14 से 20 अगस्त के बीच कई जगह भारी बारिश हो सकती है.
पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 14 से 20 अगस्त तक कई जगह बारिश होने की संभावना है. गुजरात में 14 और 15 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस दौरान गुजरात में गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मध्य महाराष्ट्र में 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है. कोंकण और गोवा में 14 और 16 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. सौराष्ट्र और कच्छ में भी 14 अगस्त को गरज-चमक के साथ मौसम खराब हो सकता है.
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी अगले सात दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और रायलसीमा में 14 से 20 अगस्त के बीच अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है. केरल और माहे में 14 से 16 अगस्त और फिर 19-20 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है. तटीय कर्नाटक में 14 से 20 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 से 16 अगस्त के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.
मॉनसून की सक्रियता से कई राज्यों में खेती के लिए बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है. खासकर धान, सब्जियों और पहले से पानी भरे खेतों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है. किसानों को मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए और भारी बारिश के दौरान खेतों में सिंचाई, छिड़काव या कृषि मशीनरी से जुड़े काम करने से बचना चाहिए. तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले खेतों में काम करने से भी बचना जरूरी है.
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