पश्चिम बंगाल तट पर बना डिप्रेशन झारखंड की ओर बढ़ेगा, कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

पश्चिम बंगाल तट पर बना डिप्रेशन झारखंड की ओर बढ़ेगा, कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

बंगाल की खाड़ी से जुड़े कम दबाव के क्षेत्र ने पश्चिम बंगाल तट पर डिप्रेशन का रूप ले लिया है. मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम अगले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल और झारखंड से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और खराब समुद्री परिस्थितियां बनी रह सकती हैं.

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पश्चिम बंगाल तट पर बना डिप्रेशन झारखंड की ओर बढ़ेगा, कई राज्यों में भारी बारिश के आसारकई राज्यों में भारी बारिश के आसार

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश क्षेत्र पर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र गुरुवार को और मजबूत होकर डिप्रेशन (अवदाब) में बदल गया. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी विशेष ट्रॉपिकल वेदर आउटलुक के अनुसार, यह प्रणाली 13 अगस्त की सुबह 0300 UTC पर पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 22.3 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 88.6 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास केंद्रित थी.

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक डिप्रेशन का केंद्र कैनिंग से उत्तर-पश्चिम, कोलकाता से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, मिदनापुर से 130 किलोमीटर पूर्व, ओडिशा के बारिपदा से 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व और झारखंड के जमशेदपुर से 260 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित था.

अगले 24 घंटे में झारखंड की ओर बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग का अनुमान है कि यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों के दौरान लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड से होकर गुजरेगा. हालांकि इसके और अधिक शक्तिशाली होने की संभावना कम बताई गई है, लेकिन यह अपनी मौजूदा तीव्रता बरकरार रख सकता है.

सिस्टम का अनुमानित केंद्रीय दबाव 998 हेक्टोपास्कल (hPa) दर्ज किया गया है, जबकि इससे जुड़ी अधिकतम सतही हवा की गति 25 नॉट (करीब 45 किमी प्रति घंटा) है, जो झोंकों के साथ 35 नॉट (करीब 65 किमी प्रति घंटा) तक पहुंच सकती है.

समुद्र में ऊंची लहरें, मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह

डिप्रेशन के प्रभाव से उत्तरी बंगाल की खाड़ी, बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट के आसपास समुद्री परिस्थितियां बहुत खराब बनी हुई हैं. समुद्र में लहरें ऊंची उठ रही हैं और स्थिति 'रफ टू वेरी रफ' श्रेणी में है. मौसम विभाग ने बताया कि 15 अगस्त की मध्यरात्रि तक समुद्री परिस्थितियां प्रतिकूल रह सकती हैं, जिसके बाद धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है.

बंगाल, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना

INSAT-3D सैटेलाइट से मिली तस्वीरों के अनुसार प्रणाली के आसपास घने बादलों का संगठित क्षेत्र बना हुआ है. उत्तर छत्तीसगढ़, दक्षिण झारखंड, उत्तर एवं मध्य ओडिशा, दक्षिण गंगीय पश्चिम बंगाल, दक्षिण बांग्लादेश और बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्से में बहुत तेज मौसमी गतिविधियां दर्ज की गई हैं.

बादलों के ऊपरी हिस्से का तापमान माइनस 70 से माइनस 90 डिग्री सेल्सियस तक पाया गया है, जो मजबूत बारिश वाले बादलों की मौजूदगी का संकेत है. इसके चलते इन क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.

क्यों मजबूत नहीं होगा डिप्रेशन?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार डिप्रेशन के आसपास निचले स्तर पर चक्रवाती सर्कुलेशन और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां मौजूद हैं. मेडन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) की सक्रियता और इक्वेटोरियल रॉस्बी वेव (ERW) और लो-फ्रीक्वेंसी वेव (LW) जैसे फैक्टर ने इस प्रणाली को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

हालांकि, इसके संभावित रूट पर 20 से 25 नॉट की मध्यम से उच्च वर्टिकल विंड शीयर मौजूद है. यही कारण है कि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिस्टम के और अधिक तेज होकर गहरे डिप्रेशन या चक्रवात में बदलने की संभावना फिलहाल नहीं है.

मौसम मॉडलों का क्या अनुमान?

यूरोपीय मौसम मॉडल ECMWF के अनुसार यह डिप्रेशन पश्चिम बंगाल से झारखंड की ओर बढ़ते हुए 14 अगस्त तक धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा. वहीं अमेरिकी GFS मॉडल भी गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर चक्रवाती सर्कुलेशन और इसके तेज पश्चिम-उत्तरपश्चिमी की ओर चलने का संकेत दे रहा है.

मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लोगों को भारी बारिश, जलभराव और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है.

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