जुलाई की शुरुआत में पूरे देश में सक्रिय होगा मॉनसून, खरीफ फसलों की बुवाई को मिलेगी रफ्तार

जुलाई की शुरुआत में पूरे देश में सक्रिय होगा मॉनसून, खरीफ फसलों की बुवाई को मिलेगी रफ्तार

IMD के अनुसार, 25 जून से 1 जुलाई के दौरान दक्षिण प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है. वहीं, देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश रहने का अनुमान है.

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जुलाई की शुरुआत में पूरे देश में सक्रिय होगा मॉनसून, खरीफ फसलों की बुवाई को मिलेगी रफ्तारपूरे देश में सक्रिय होगा मॉनसून

देशभर के किसानों के लिए मॉनसून को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, जुलाई की शुरुआत तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पूरे देश में अच्छी तरह एक्टिव होने की संभावना है. मौसम विभाग ने इस दौरान व्यापक बारिश का अनुमान जताया है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है. खासतौर पर उन किसानों को राहत मिल सकती है, जो बारिश का इंतजार कर रहे हैं.

IMD के अनुसार, 25 जून से 1 जुलाई के दौरान दक्षिण प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है. वहीं, देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश रहने का अनुमान है. हालांकि, अगले कुछ दिनों में मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए मौसम परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.

जुलाई की शुरुआत में बढ़ेगी बारिश की रफ्तार

मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 से 8 जुलाई के बीच देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इस दौरान लगभग पूरे देश में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तरी बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जो मॉनसून की हवाओं को मजबूत करने में मदद कर सकता है. इससे खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों जैसे धान, सोयाबीन, मक्का, कपास और दलहन की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है. जून में बारिश की धीमी रफ्तार के कारण कई क्षेत्रों में खेती का काम प्रभावित हुआ था, लेकिन जुलाई में अच्छी बारिश किसानों को राहत दे सकती है.

कई राज्यों में जोरदार बारिश के संकेत

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 29 जून से 6 जुलाई के बीच मध्य भारत, ओडिशा, विदर्भ, उत्तरी आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रह सकता है. वहीं, पश्चिमी तट पर भी अच्छी बारिश होने की संभावना है. कोंकण, मुंबई और गोवा में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक और केरल में भी व्यापक बारिश हो सकती है. हालांकि, पूर्वी तमिलनाडु, उत्तरी गुजरात, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है.

पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों में बढ़ेगी उम्मीद

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 6 से 13 जुलाई के बीच दक्षिणी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है. इससे धान समेत खरीफ फसलों की रोपाई को फायदा मिलने की उम्मीद है. पंजाब और हरियाणा जैसे धान उत्पादक राज्यों में किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि धान की खेती के लिए पर्याप्त पानी की जरूरत होती है. समय पर बारिश होने से किसानों को सिंचाई लागत कम करने में भी मदद मिल सकती है.

जुलाई के बाद कमजोर पड़ सकता है मॉनसून

हालांकि, मौसम पूर्वानुमान में जुलाई के दूसरे हिस्से को लेकर कुछ चिंता भी जताई गई है. यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) के अनुसार, जुलाई के अंतिम दिनों और अगस्त की शुरुआत में देश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है. राजस्थान में इस बार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. वहीं, आगे चलकर राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है.

किसानों को समय पर खेती की तैयारी की सलाह

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों को खेती की तैयारी पूरी कर लेनी चाहिए. अच्छी बारिश मिलने पर किसान खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई का काम तेजी से पूरा कर सकते हैं. मॉनसून की बेहतर स्थिति खरीफ सीजन के लिए काफी अहम मानी जाती है. अगर जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश होती है तो खेती की रफ्तार बढ़ेगी और किसानों को फसल उत्पादन में भी फायदा मिलने की उम्मीद है. 

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