अल नीनो में पॉजिटिव आईओडी देगा राहतभारत में 2026 का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस बार कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मजबूत अल नीनो बनने की संभावना के चलते पूरे सीजन में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. हालांकि, वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि मॉनसून के दूसरे हिस्से में स्थिति कुछ सुधर सकती है. इसकी वजह है हिंद महासागर डाइपोल (IOD), जो फिलहाल न्यूट्रल स्थिति में है, लेकिन आगे चलकर पॉजिटिव हो सकता है.
पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी (IITM) के वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर IOD पॉजिटिव होता है, तो यह अल नीनो के असर को कम कर सकता है. इसका असर खास तौर पर अगस्त और सितंबर में देखने को मिल सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआत कमजोर रह सकती है, लेकिन अंत में बारिश बेहतर हो सकती है. पॉजिटिव आईओडी से बेहतर बारिश होने की संभावना है.
IOD हिंद महासागर में एक बड़ा मौसम का पैटर्न है, जो समुद्र के तापमान के अंतर पर आधारित होता है. इसमें पूर्वी प्रशांत महासागर और पश्चिमी प्रशांत महासागर के तापमान का अंतर देखा जाता है. इसी तापमान के अंतर को आईओडी कहा जाता है. पॉजिटिव IOD में पश्चिमी हिंद महासागर गर्म और इंडोनेशिया के पास का पानी ठंडा हो जाता है. इससे हवा के पैटर्न बदलते हैं और भारत में बारिश बढ़ने की संभावना रहती है.
वैज्ञानिकों के अनुसार, अल नीनो आमतौर पर भारत में कम बारिश से जुड़ा होता है, लेकिन कई बार पॉजिटिव IOD इसकी भरपाई कर सकता है. इतिहास में कई मजबूत IOD घटनाएं बड़े अल नीनो के साथ देखी गई हैं. इससे बारिश की गतिविधि बढ़ जाती है जिससे सूखे का संकट खत्म होता है. हालांकि कई बार अधिक बारिश का भी खतरा होता है जिससे बाढ़ जैसी समस्या सामने आती है.
मौसम मॉडल के अनुसार, जुलाई के बाद IOD धीरे-धीरे पॉजिटिव हो सकता है और यह सितंबर-नवंबर के बीच यह अपने चरम पर पहुंच सकता है. स्काईमेट ने बताया है कि यह बदलाव मॉनसून के दूसरे हिस्से में बारिश को सहारा दे सकता है. हालांकि विशेषज्ञों ने साफ किया है कि अभी IOD पूरी तरह पॉजिटिव नहीं हुआ है, इसलिए मॉनसून के दूसरे हिस्से का अनुमान अभी पूरी तरह पक्का नहीं है. IMD के कुछ मॉडल पूरे सीजन में न्यूट्रल IOD भी दिखा रहे हैं.
अगर आईओडी पॉजिटिव होता है तो मौसम की शुरुआत कमजोर रह सकती है, बीच में सूखा जैसी स्थिति बन सकती है, लेकिन अंत में बारिश सुधरने की उम्मीद है. कुल मिलाकर, 2026 का मॉनसून मिला जुला (Mixed) रहने की संभावना है, जिसमें शुरुआत कमजोर और अंत बेहतर हो सकता है.
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