कैसा रहेगा आज का मौसमदेशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने 26 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से और पश्चिम बंगाल तट के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र के साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सक्रिय दूसरे लो-प्रेशर सिस्टम के कारण पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 26 जुलाई को ओडिशा में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और उत्तराखंड में भी भारी बारिश का अनुमान है.
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर बारिश के साथ 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है. भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है. ऐसे क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है.
IMD के अनुसार, दिल्ली में रविवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है. सुबह और दोपहर के दौरान हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि रात में भी हल्की वर्षा के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने से उमस में कुछ राहत मिल सकती है.
मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है. राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
पूर्वी भारत में ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर तेज बारिश का दौर बना रहेगा. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी अच्छी बारिश के आसार हैं. दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं.
वहीं, मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें, ताकि धान, मक्का, सोयाबीन, कपास, मूंगफली और सब्जियों की फसलों में जलभराव न हो.
मौसम सामान्य होने तक सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव टालें. तैयार फसलों और सब्जियों की कटाई मौसम साफ होने पर करें तथा उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें.
वहीं, तेज हवाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में केले और बागवानी फसलों को सहारा दें. पशुपालक मवेशियों को सुरक्षित शेड में रखें और चारे को सूखी जगह पर सुरक्षित रखें.
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