देशभर में तेज होगा बारिश का दौर, कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट, पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

देशभर में तेज होगा बारिश का दौर, कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट, पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

देशभर में मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग ने पश्चिम मध्य प्रदेश, ओडिशा, दक्षिण गुजरात, कोंकण, सौराष्ट्र-कच्छ और मध्य महाराष्ट्र में 3 से 5 जुलाई के दौरान अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-एनसीआर में 3 जुलाई को हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ तापमान में राहत मिलने की संभावना है.

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देशभर में तेज होगा बारिश का दौर, कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट, पढ़ें IMD का ताजा अपडेटआज का मौसम (AI Image)

पिछले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने एक बार फिर तेजी पकड़ी है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई के लिए गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण-गोवा, पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं, मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट और उत्तर भारत सहित कई अन्य राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया है. 2 जुलाई तक मॉनसून पूरे दिल्ली, उत्तर प्रदेश के शेष क्षेत्रों, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान के कुछ इलाकों तक पहुंच चुका है.

इसी बीच उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अगले दो-तीन दिनों में और मजबूत हो सकता है. इसके असर से मध्य भारत में अगले पांच दिनों तक मॉनसून के सक्रिय बने रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में 3-4 जुलाई, दक्षिण गुजरात और कोंकण में 2-5 जुलाई, सौराष्ट्र-कच्छ में 2-4 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 3-5 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है.

 

3 जुलाई को देशभर में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, 3 जुलाई को पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज रहने का अनुमान है. गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है.

पहाड़ी राज्‍यों में भी बारिश का अलर्ट

वहीं, उत्तर भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है. राजस्थान के पूर्वी भागों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी की भी संभावना बनी हुई है. हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके चल सकते हैं.

उधर, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा. पूर्वोत्तर राज्यों में भी अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का सिलसिला बना रहेगा. कई क्षेत्रों में बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. 

दिल्ली-एनसीआर में 3 जुलाई और आगे का मौसम

आईएमडी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 3 जुलाई को आसमान में बादल छाए रहेंगे. कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी.

वहीं, 4 और 5 जुलाई को भी बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी. अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है, लेकिन सामान्य से कम रहने की संभावना है.  मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है. 

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है वहां खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था पहले से कर लें, ताकि धान की नर्सरी, मक्का, दलहन, सब्जियों और बागवानी फसलों में जलभराव से नुकसान न हो.

इसके अलावा, जिन किसानों की मूंग, उड़द, मक्का या अन्य फसलें पक चुकी हैं, वे कटाई और मड़ाई जल्द पूरी करके उपज को सूखी एवं सुरक्षित जगह पर रखें. 

खेत में रखी उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखना भी जरूरी है. तेज हवा की आशंका वाले क्षेत्रों में सब्जियों और फलदार पौधों को सहारा दें और सिंचाई केवल आवश्यकता होने पर ही करें.

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