झारखंड में अच्छी बारिश का अनुमान (सांकेतिक तस्वीर)भारतीय मौसम विभाग की तरफ से इस बार देश में अच्छी बारिश की उम्मीद की गई है. आईएमडी के अनुसार इस बार मॉनसून में देश में सामान्य से अधिक बारिश होगी. इस बीत केरल में निर्धारित समय से पहले मॉनसून की एंट्री हो चुकी है. पूरे केरल में बारिश हो रही है. इस बार अच्छी बारिश को लेकर किसान काफी आशान्वित हैं. अच्छी फसल की उम्मीद में उनके चेहरे खिले हुए हैं. इधर झाखरखंड में भी किसान अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं. लगातार दो साल गंभीर सूखे का सामना करने के बाद इस बार किसानों को अच्छी बारिश का पूर्वानुमान के बाद राहत महसूस हुई है.
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अभिषेक आनंद ने बताया कि इस बार झारखंड में निर्धारित समय में मॉनसून के पहुंचने की संभावना है. सामान्य तौर पर केरल में मॉनसून की दस्तक होने के बाद इसके झारखंड पहुंचने में 12 से 15 दिनों का समय लगता है. इस बार भी अनुमान लगाया जा रहा है 15 जून तक मॉनसून झारखंड में प्रवेश कर जाएगा. उसके एक दो दिनों के बाद रांची में भी मॉनसून की बारिश शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में मॉनसून के आगमन को लेकर परिस्थितियां अनुकूल दिखाई दे रही है. अभिषेक आनंद ने कहा कि झारखंड में सामान्य तौर पर 1022.9 एमएम बारिश होती है. जो इस बार भी इतनी ही बारिश देखने के लिए मिल सकती है.
ये भी पढ़ेंः Weather News Today: पहाड़ों में भी गर्मी का भीषण प्रकोप, जोशीमठ जैसे बर्फीले इलाके में पानी की किल्लत
मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि इस बार अच्छी बारिश होगी इसका फायदा किसानों को होने वाला है. क्योंकि जिस तरह से फसलों की बारिश की जरूरत होती है उसी तरह से इस बार बारिश होगी. मॉनसून के शुरुआती दौर में जून महीने में थोड़ी कम बारिश देखने के लिए मिल सकती है. पर वो बारिश भी फसलों के लिए काफी होगी. इसके बाद जुलाई के महीने में मॉनसू अपनी रफ्तार पकड़ेगी और झमाझम बारिश होगी. अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश देखने के लिए मिल सकती है. इससे धान की खेती को फायदा मिलेगा साथ ही किसानों को उम्मीद है कि दो साल का सूखा झेलने के बाद इस बार अच्छी बारिश होगी तो रबी फसल की सिंचाई के लिए भी पानी मिल जाएगा.
ये भी पढ़ेंः क्लाइमेट चेंज के असर ने उत्तराखंड में इन 5 फलों का उत्पादन बढ़ाया, पारंपरिक फल उगाने से किसानों का हो रहा मोहभंग
अच्छी मॉनसून के पूर्वानुमान के बाद किसान अभी से ही खेती की तैयारियों में जुट गए हैं. किसानों को उम्मीद है कि इस बार समय से बारिश होगी इसलिए वो सही समय पर धान की बुवाई कर पाएंगे. समय पर नर्सरी तैयार करने के लिए किसान तैयारियों में जुट गए हैं. सड़ी हुई गोबर खाद को खेत में डालने के लिए उलट-पुलट कर सुखा रहे हैं और उसे गड्ढे से बाहर निकाल कर खेतों में पहुंचा रहे हैं. साथ ही धान की उन्नत किस्म के बीज और उर्वरकों को जुगाड़ में लग गए हैं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today