Weather Alert: करवट बदलेगा मौसम! कई राज्‍यों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, पढ़ें ताजा अपडेट

Weather Alert: करवट बदलेगा मौसम! कई राज्‍यों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, पढ़ें ताजा अपडेट

देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. कई राज्यों में आंधी, तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक मौसम बदलेगा. जानिए 15 मार्च को कहां-कैसा रहेगा मौसम...

Advertisement
Weather Alert: करवट बदलेगा मौसम! कई राज्‍यों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, पढ़ें ताजा अपडेटआज का मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे मैदानी इलाकों में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की संभावना जताई है. असम में 16 मार्च तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 मार्च को और अरुणाचल प्रदेश में अगले दो दिन भारी बारिश की आशंका है. मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से 15 और 16 मार्च को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और आसपास के मैदानी इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है.

15 मार्च को देशभर में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 15 मार्च को देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में व्यापक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है.

इसके अलावा पूर्वी और मध्य भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.

उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है.

दिल्ली में 15 मार्च को मौसम का हाल

आईएमडी ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में 15 मार्च को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और सुबह या पूर्वाह्न के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. 

इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों में 50 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. हवाएं मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व दिशा से चलेंगी, जिनकी रफ्तार दिन के समय बढ़ सकती है.

मौसम का क्षेत्रवार पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 15 से 20 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी आंधी और बिजली के साथ हल्की बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 से 6 दिनों तक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. कई स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है.

पूर्वी और मध्य भारत में 15 से 18 मार्च के बीच झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. 16 मार्च को झारखंड और ओडिशा में तेज आंधी के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं. दक्षिण भारत में तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.

खेती-किसानी के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है. जिन इलाकों में भारी बारिश या ओलावृष्टि की संभावना है वहां फलों और सब्जियों की फसलों को सहारा देने और जाल या सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित करने और कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है. 

वहीं, जिन राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है वहां गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों में सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करने और मिट्टी की नमी बनाए रखने के उपाय करने की सलाह दी गई है.

पशुपालकों को भी खराब मौसम के दौरान पशुओं को खुले में न रखने और उन्हें शेड के अंदर रखने की सलाह दी गई है, ताकि तेज हवाओं, ओलावृष्टि और बारिश से नुकसान से बचाया जा सके.

POST A COMMENT