पहाड़ों पर लौट आई ठंड और सफेद चादरचमोली में रविवार से पहाड़ों में एक बार फिर बर्फबारी का दौर देखने को मिला है. बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और नीति माना घाटी की ऊंचाई वाले स्थानों में जमकर बर्फबारी हुई. मार्च के इस महीने में बढ़ते तापमान के बीच पहाड़ों में बर्फबारी से मौसम अचानक ठंडा हो गया. जनवरी के बाद पहाड़ों में बर्फ की कमी महसूस की जा रही थी और लोग बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे. बीते सप्ताह बारिश और ओलावृष्टि तो देखने को मिली थी, लेकिन कल दोपहर बाद मौसम ने करवट बदल दी.
बर्फबारी के बाद पहाड़ों में जहां कल तक गर्मी का असर दिखाई दे रहा था, वहां अब ठंडी हवाएं चलने लगी हैं. पहाड़ी चोटियां बर्फ से लकदक दिखाई दे रही हैं. अचानक सर्द मौसम ने न केवल तापमान घटाया है बल्कि पहाड़ों की खूबसूरती भी बढ़ा दी है. बर्फीली हवाओं ने पूरे क्षेत्र में सर्दी का माहौल बना दिया है.
भगवान विष्णु के सर्वश्रेष्ठ धाम बद्रीनाथ में भी रविवार दोपहर से लगातार बर्फबारी जारी रही. बद्रीनाथ धाम में हर तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई नजर आ रही है. फिलहाल, बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद हैं और 23 अप्रैल को खुलने हैं. यात्रा की तैयारी के लिए प्रशासन और निर्माणदाई संस्था के मजदूर कार्य में जुटे हैं. बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है, जिससे कार्य में थोड़ी कठिनाई आ सकती है.
महीने के मध्य तक पहाड़ों में भीषण गर्मी का असर दिख रहा था, लेकिन बर्फबारी ने मौसम को ठंडा कर दिया. कुदरत ने भगवान बद्री विशाल का श्रृंगार बर्फ के सफेद आभूषण से किया है. हर तरफ बर्फ की सफेद चादर ने बद्रीनाथ धाम को बेहद सुंदर और मनोहारी बना दिया है.
विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली भी एक बार फिर बर्फ से लकदक हो चुका है. जनवरी तक यहां बर्फ थी, लेकिन फरवरी और मार्च में बर्फबारी की कमी देखने को मिली थी. अब औली की वादियां और पहाड़ों की चोटियां सफेद हो चुकी हैं. बर्फबारी ने पर्यटन स्थलों के व्यापारियों और स्थानीय लोगों के चेहरों पर खुशी ला दी है.
मार्च के मध्य के बाद हुई बर्फबारी ने पूरे हिमालय की चोटियों और वादियों को ताजगी दे दी है. बढ़ती गर्मी और जंगलों की आग पर भी राहत मिली है. कल तक धुएं और धुंध में छिपी पहाड़ियां अब बर्फ की सफेद चादर में ढकी नजर आ रही हैं. पहाड़ों में अचानक लौट आई ठंड ने मौसम को मनमोहक बना दिया है.
इस बार की बर्फबारी ने पहाड़ों की खूबसूरती और ठंडक दोनों ही बढ़ा दी है. बद्रीनाथ और औली सहित चमोली जिले के ऊंचाई वाले स्थान अब सफेद चादर से ढके हुए हैं. यह बर्फबारी न केवल प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाती है बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए भी राहत और खुशी लेकर आई है. मार्च में इस तरह का ठंडा मौसम और बर्फबारी दर्शकों और यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है.
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