खुले बाजार में अब भी प्याज की कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक है. प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से बिक्री बढ़ा दी है. क्योंकि, खुले बाजार में अब भी प्याज की कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम है. केंद्र ने तय किया है कि इन कीमतों और नीचे लाना है. इसीलिए सहकारी समितियों के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से सरकार प्याज बिक्री कर रही है. सस्ती दर पर ब्याज बिक्री उन शहरों में भी शुरू की जाएगी, जहां कीमतें अधिक हैं. सरकार की ओर से कहा गया है कि टमाटर की कीमतों पर नजर है, रुझान ऊपर जाते दिखेंगे तो सरकार सस्ती दर पर बिक्री शुरू करने पर निर्णय लेगी.
हाल ही में निर्यात शुल्क हटाए जाने के बाद खुदरा कीमतों में उछाल के बाद सरकार ने थोक बाजारों में बफर स्टॉक की बिक्री बढ़ाकर प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं. एजेंसी के अनुसार उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने सोमवार को कहा कि केंद्र ने दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों के थोक बाजारों में अपने बफर स्टॉक से प्याज उतारना शुरू कर दिया है, साथ ही देशभर में सब्सिडी वाली प्याज की खुदरा बिक्री का विस्तार करने की योजना है.
निधि खरे ने कहा कि हमें निर्यात शुल्क हटाने के बाद कीमतों में उछाल की आशंका थी. उन्होंने कहा कि 4.7 लाख टन बफर स्टॉक और खरीफ बुवाई में बंपर बढ़ोत्तरी से प्याज की कीमतों पर नियंत्रण बना रहेगा. केंद्र सरकार पूरे भारत में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर पर प्याज की खुदरा बिक्री बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसमें उन शहरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां कीमतें राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 22 सितंबर को दिल्ली में खुदरा प्याज की कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है. यह कीमत एक साल पहले 38 रुपये प्रति किलोग्राम थी. वहीं, मुंबई में प्याज की कीमत 58 रुपये प्रति किलो और चेन्नई में 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक प्याज का दाम पहुंच गया है. केंद्र एनसीसीएफ और नैफेड के जरिए 5 सितंबर से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम समेत अन्य एनसीआर इलाकों में और मुंबई में सरकार 35 रुपये किलो की दर पर प्याज की बिक्री कर रही है.
इस बार खरीफ सीजन में बीते साल की तुलना में प्याज की बंपर बुवाई की गई है. इसको देखते हुए जल्द ही बाजार में नई प्याज की आवक अगले महीने से शुरू हो जाएगी, जिससे खुले बाजारों में कीमतों में नरमी की उम्मीद है. सचिव निधि खरे ने कहा कि टमाटर की कीमतों के रुझानों पर सरकार की नजर है. उन्होंने कहा कि अगर कीमतें ऊपर जाती दिखीं तो सरकार हस्तक्षेप करेगी. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सस्ती दरों पर टमाटर की भी बिक्री शुरू कर सकता है.
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