अयोध्या के किसान ने 4 हेक्टेयर जमीन पर अमरूद और शिमला मिर्च के उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड, जानें कैसे?

अयोध्या के किसान ने 4 हेक्टेयर जमीन पर अमरूद और शिमला मिर्च के उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड, जानें कैसे?

Success Story: राजित राम कहते हैं कि मैंने लघु किसान के रूप में औद्यानिक फसलों से शुरुआत की थी. पहले आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन नवीन तकनीकों और सरकारी सहायता से आय कई गुना बढ़ गई. अब हमारी परिवार की स्थिति पहले के मुकाबले  बेहतर हो गई है. उनकी सफलता से सिहोरिया गांव और तारुन ब्लॉक के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं.

Advertisement
अयोध्या के किसान ने 4 हेक्टेयर जमीन पर अमरूद और शिमला मिर्च के उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड, जानें कैसे?राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किसान राजित राम की पीठ थपथपाई और उन्हें सम्मानित किया

अयोध्या जिले में एक प्रगतिशील किसान की सफलता की प्रेरणादायक कहानी ने सबका ध्यान खींचा है. तारुन विकासखंड के ग्राम सिहोरिया के निवासी राजित राम ने अपनी मेहनत, नई तकनीकों और योगी सरकार की किसान-समर्थक नीतियों के सहारे मात्र 4.09 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद व शिमला मिर्च की खेती से 5 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ कमाया है. यह उपलब्धि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सफल रही, बल्कि जिले के अन्य किसानों के लिए भी एक मिसाल बन गई है.

20 टन अमरूद और 14 टन शिमला मिर्च का उत्पादन

किसान राजित राम ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में 4.09 हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद व शिमला मिर्च की फसल लगाई.इसमें ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग, इंटरक्रॉपिंग और स्टेप क्रॉपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भरपूर उपयोग किया गया. सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप इरिगेशन) के कारण पानी की बचत हुई और फसल की गुणवत्ता बेहतर बनी. उन्होंने बताया कि कुल लागत लगभग 3.40 लाख रुपये रहा, जबकि उत्पादन से कुल आय 8.50 लाख रुपये हुई. इससे शुद्ध लाभ 5.10 लाख रुपये प्राप्त हुआ. उत्पादन में 20 टन अमरूद और 14 टन शिमला मिर्च शामिल थी. राजित राम ने बताया कि स्थानीय मंडियों के साथ-साथ मंडलीय स्तर पर भी अमरूद और शिमला मिर्च की सप्लाई किया, जिससे फसल का अच्छा भाव मिला.

पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ी आय

राजित राम कहते हैं कि मैंने लघु किसान के रूप में औद्यानिक फसलों से शुरुआत की थी. पहले आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन नवीन तकनीकों और सरकारी सहायता से आय कई गुना बढ़ गई. अब हमारी परिवार की स्थिति पहले के मुकाबले  बेहतर हो गई है. उनकी सफलता से सिहोरिया गांव और तारुन ब्लॉक के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं.

राज्यपाल ने थपथपाई पीठ

उधर, अयोध्या जिले के प्रगतिशील किसान राजित राम की इस सफलता को राज्य स्तर पर भी सराहा गया. जन भवन में आयोजित फल-फूल एवं शाकभाजी प्रदर्शनी में उन्होंने भाग लिया, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनकी पीठ थपथपाई और उन्हें सम्मानित किया. यह सम्मान उनके नवाचारपूर्ण कार्य और किसानों की आय बढ़ाने में योगदान के लिए दिया गया. इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ऐसे किसान प्रदेश की प्रगति के प्रतीक हैं और सरकार किसानों की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयासरत है.

बागवानी फसलों को लेकर किसानों को प्रोत्साहित

मामले में जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि जनपद अयोध्या में प्रगतिशील किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग लगातार कार्य कर रहा है. विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर रुख करें. उन्होंने बताया कि राजित राम जैसे किसान अब अन्य साथी किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं. वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अपनी तकनीक और अनुभव साझा कर रहे हैं.

ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग तकनीक की मदद

तिवारी बताते हैं कि योगी सरकार ने पिछले वर्षों में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और अन्य सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं पर सब्सिडी, बागवानी मिशन के तहत सहायता और बाजार उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों से किसानों की स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है. 

औद्यानिक फसलों से की थी राजित ने शुरुआत

जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि अयोध्या जैसे पवित्र स्थल में जहां राम मंदिर के कारण पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, वहां बागवानी फसलों की मांग भी बढ़ी है. अमरूद व शिमला मिर्च जैसी फसलें न केवल स्थानीय बाजार में अच्छा दाम पाती हैं, बल्कि आसपास के शहरों में भी निर्यात की जा रही हैं.

ये भी पढ़ें-

UP: कृषि, पशुपालन और मछली उत्पादन के क्षेत्र में आई बड़ी क्रांति, योगी सरकार ने बजट सत्र में रखा रिपोर्ट कार्ड 

रंगीन 'शिमला मिर्च' की खेती से टर्नओवर पहुंचा 1.30 करोड़, पढ़ें- लखनऊ के देविंदर सिंह की सक्सेस स्टोरी

POST A COMMENT