
सरकार ने गन्ने का एफआरपी बढ़ायाकेंद्र सरकार ने गन्ने के लिए 2026-27 सीजन (अक्टूबर-सितंबर) का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. यह दर 10.25% की बेसिक रिकवरी रेट पर लागू होगी. इससे पहले गन्ने का एफआरपी 355 रुपये क्विंटल था. कैबिनेट बैठक में सरकार ने साफ किया है कि 10.25% से अधिक रिकवरी पर हर 0.1% बढ़ोतरी के साथ किसानों को 3.56 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मिलेगा. यह फैसला कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है.
सरकार के अनुसार यह FRP उत्पादन लागत का लगभग 200.5% है, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिलने की उम्मीद है. साथ ही अनुमान है कि गन्ना किसानों को कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान होगा. सरकार ने कैबिनेट बैठक में इसका निर्णय लिया. सरकार द्वारा तय किया गया यह मूल्य किसानों को उनकी लागत का बेहतर लाभ दिलाने के उद्देश्य से तय किया गया है.

सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से देशभर के गन्ना किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिल सकता है.
इसके साथ ही, सरकार ने कपास किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया. केंद्रीय कैबिनेट ने कपास किसानों के लिए कपास कांति मिशन शुरू किया है. इससे देश के 32 लाख किसानों को फायदा होगा. इस मिशन पर 5659 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह मिशन 2026 से लेकर 2031 तक 5 साल के लिए चलेगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कपास कांति मिशन के जरिये कपास की खेती में रिसर्च, उत्पादन तकनीक और नए जमाने के फाइबर के बारे में किसानों को बताया जाएगा. इससे देश में कपास की खेती और उत्पादन दोनों बढ़ेगा. इस मिशन को सरकार ने खेत, फाइबर,फैक्ट्री, फैशन और विदेशों में निर्यात से जोड़ा है.
भारत दुनिया के कपास उत्पादन में 21 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखता है और 114.47 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कपास की खेती होने के कारण यह क्षेत्र लाखों किसानों की आजीविका और देश के वस्त्र उद्योग दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
कपास उत्पादकता मिशन इसी जरूरत को ध्यान में रखकर लाया गया है, ताकि किसानों की आय बढ़े, क्वालिटी वाले कपास की लगातार सप्लाई हो और भारत का पारंपरिक वस्त्र क्षेत्र फिर से मजबूत बन सके.
मिशन के लिए कुल 5659.22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) और कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग (DARE) का बड़ा रोल होगा.
DARE के तहत 555.05 करोड़ रु. की लागत से रिसर्च के जरिये कपास की उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया जाएगा. इसके तहत 24 नई उच्च उपज देने वाली, जलवायु-प्रतिरोधी कपास किस्मों और हाइब्रिडों का विकास किया जाएगा, जिनमें कीट-प्रतिरोध, उच्च जिनिंग प्रतिशत, बेहतर उपज, रेशा क्वालिटी, बायोटिक स्ट्रेस टॉलरेंस, ट्रांसजेनिक, टिलिंग, जीनोम एडिटिंग और एक्स्ट्रा लॉन्ग स्टेपल, रंगीन और देसी कपास की किस्मों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
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