कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहानकेंद्र सरकार ने महाराष्ट्र और कनार्टक के किसानों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें उपज का लाभकारी मूल्य (MSP) दिलाने और बाजार में मजबूरी में फसल बेचने से बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कर्नाटक में रबी 2026 सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद को मंजूरी दी है, वहीं महाराष्ट्र में रबी 2025-26 सीजन के दौरान चने की अधिकतम खरीद की लिमिट बढ़ाकर 8,19,882 मीट्रिक टन कर दी है. इन दोनों फैसलों से किसानों को 4,886.46 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि एमएसपी के रूप में मिलेगी.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र सरकार के प्रस्ताव पर फैसला लिया और रबी 2025-26 सीजन के दौरान राज्य में पीएसएस के तहत चने की अधिकतम खरीद मात्रा बढ़ाकर 8,19,882 मीट्रिक टन करने को मंजूरी दी. इस तरह अब राज्य में चना खरीदी पर अब 4,816.80 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी और किसानों को एमसपी का लाभ मिलेगा.
इसके साथ ही महाराष्ट्र में चना खरीद की समय-सीमा में 30 दिनों और बढ़ाई गई है. अब खरीद 29 मई 2026 होगी. यह फैसला उन किसानों के लिए लिया गया है, जो तय अवधि में अपनी उपज केंद्रों पर नहीं बेच पाए थे. इस फैसले से अब ज्यादा किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सकेगा और उन्हें बाजार के दबाव में कम कीमत पर बिक्री नहीं करनी पड़ेगी.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक सरकार के प्रस्ताव को मंजूर करते हुए रबी 2026 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीदी के फैसले को समर्थन दिया है. इस मंजूरी से खरीदी पर 69.66 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे और किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य यानी एमएसपी मिल सकेगा.
केंद्र सरकार का यह कदम विशेष रूप से उन किसानों के लिए राहतकारी साबित होगा, जिन्हें बाजार में कम कीमत मिलने की आशंका के कारण मजबूरी में अपनी उपज बेचनी पड़ती है. एमएसपी पर खरीद की मंजूरी से किसानों का भरोसा मजबूत होगा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय लगातार इस दिशा में काम कर रहा है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और कृषि उपज की खरीद प्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसानोन्मुख बने.
कर्नाटक में सूरजमुखी और महाराष्ट्र में चने की खरीद संबंधी ये निर्णय इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील और सक्रिय है. इन फैसलों से न केवल संबंधित राज्यों के किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में विश्वास, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण भी मजबूत होगा. लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम किसान कल्याण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है.
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