गन्ने का एफआरपी बढ़ा सकती है सरकारकेंद्र सरकार गन्ना किसानों को बड़ी राहत दे सकती है. मंगलवार शाम होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में गन्ना किसानों से जुड़े फैसलों के साथ‑साथ सेमीकंडक्टर और रेलवे परियोजनाओं पर भी अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है. इन फैसलों की आधिकारिक घोषणा शाम 6:30 बजे हो सकती है.
FRP यानी फेयर एंड रेम्यूनरेटिव प्राइस वह न्यूनतम कीमत होती है, जिस पर चीनी मिलों को गन्ना किसानों से गन्ना खरीदना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है. चीनी मिलें इस कीमत में किसी भी तरह की कटौती नहीं कर सकतीं. FRP का निर्धारण केंद्र सरकार करती है और इसका सीधा फायदा देश के करोड़ों गन्ना किसानों को मिलता है.
पिछले साल 30 अप्रैल 2025 को केंद्र सरकार ने गन्ने के FRP में बढ़ोतरी की थी. सरकार ने चीनी सीजन 2025‑26 के लिए गन्ने का FRP 15 रुपये बढ़ाकर 355 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया था. इससे पहले यह दर 340 रुपये प्रति क्विंटल थी.
सरकार ने उस समय कहा था कि इस फैसले से करीब 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों को फायदा होगा, साथ ही चीनी मिलों और उनसे जुड़े करीब 5 लाख मजदूरों को भी लाभ मिलेगा.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025‑26 सीजन में गन्ने की उत्पादन लागत (A2+FL) करीब 173 रुपये प्रति क्विंटल है. 10.25 प्रतिशत रिकवरी दर के आधार पर तय किया गया 355 रुपये प्रति क्विंटल का FRP, उत्पादन लागत से 105.2 प्रतिशत अधिक है. यह दर मौजूदा 2024‑25 सीजन के मुकाबले 4.41 प्रतिशत ज्यादा है. 355 रुपये प्रति क्विंटल की यह दरें 1 अक्टूबर 2025 से लागू हैं.
सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027 तक के गन्ना सीजन के लिए FRP में एक बार फिर बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है. अगर कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले सीजन में गन्ना किसानों की आमदनी और बढ़ सकती है.
गन्ने के FRP के अलावा, मंगलवार की कैबिनेट बैठक में कई और अहम प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है. गुजरात में दो नए प्लांट के साथ 3,000 करोड़ रुपये के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सकती है. रेलवे के तीन मल्टी‑लेन प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी दी जा सकती है.
ये सभी फैसले आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) के दायरे में आते हैं, जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री करते हैं.
कुल मिलाकर, अगर केंद्र सरकार गन्ने के FRP में बढ़ोतरी का ऐलान करती है, तो यह गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी. बढ़ती लागत और खेती के खर्च के बीच यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा. अब सभी की निगाहें मंगलवार शाम होने वाले आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई हैं.(चेतन भूटानी का इनपुट)
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