NHB ने 1 महीने के लिए रोक GoC आवेदन (AI Image)नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) ने बागवानी क्षेत्र की दो अहम सब्सिडी योजनाओं में ग्रांट ऑफ क्लियरेंस (GoC) के नए आवेदनों पर एक महीने के लिए रोक लगा दी है. यह रोक 4 सितंबर 2026 से लागू है. यह फैसला उस पूरे घटनाक्रम के बाद सामने आया है, जिसमें केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को मिली करीब 99 लाख रुपये की सब्सिडी का मामला उजागर हुआ था और बाद में उन्होंने रकम वापस कर दी थी. इससे पहले 21 अगस्त को NHB ने पात्रता के नियम सख्त किए थे और अब संशोधित व्यवस्था लागू करने के लिए नए आवेदनों पर अस्थायी रोक लगा दी है. NHB ने रोक की वजह संशोधित गाइडलाइंस को लागू करने, लंबित मामलों की जांच और ऑनलाइन आवेदन सिस्टम को अपडेट करना बताया है.
NHB का यह फैसला स्कीन नंबर 1- डेवलपमेंट ऑफ कमर्शियल हॉर्टिकल्चर थ्रू प्रोडक्शन एंड पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर क्रॉप्स स्कीम और स्कीम नंबर 2- कैपिटल इंवेस्टमेंट सब्सिडी स्कीम फॉर कंस्ट्रक्शन, एक्सपांशन एंड मॉडर्नाइजेशन और कोल्ड स्टोरेज्स पर लागू हुआ है. NHB ने अपने ताजा सर्कुलर में कहा है कि दोनों योजनाओं के तहत नए GoC आवेदन 4 सितंबर से एक महीने तक ऑनलाइन स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
बोर्ड के मुताबिक, संशोधित दिशा-निर्देशों को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए लंबित मामलों की जरूरी जांच की जानी है और ऑनलाइन आवेदन सिस्टम में भी बदलाव किए जाने हैं. इसी प्रक्रिया के दौरान दोनों योजनाओं के लिए नए GoC आवेदन की ऑनलाइन सुविधा अस्थायी रूप से बंद रहेगी. GoC इन योजनाओं के तहत परियोजना के लिए क्रेडिट-लिंक्ड बैक-एंडेड सब्सिडी हासिल करने की जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा है.
NHB ने साफ किया है कि यह रोक सिर्फ नए GoC आवेदनों पर लागू है. 4 सितंबर से पहले बोर्ड के पास जमा हो चुके आवेदनों का निपटारा संशोधित योजना दिशा-निर्देशों और समय-समय पर जारी निर्देशों के मुताबिक किया जाएगा. नए आवेदन दोबारा कब शुरू होंगे, इसकी जानकारी NHB अलग से जारी करेगा.
नए आवेदन रोकने से पहले NHB ने 21 अगस्त को कमर्शियल बागवानी और कोल्ड स्टोरेज स्कीम की गाइडलाइंस में व्यापक बदलाव किए थे. बोर्ड ने इन संशोधनों का उद्देश्य वित्तीय सहायता को तर्कसंगत बनाना, लाभों का समान वितरण सुनिश्चित करना, सब्सिडी के दोहराव को रोकना और योजना के क्रियान्वयन को ज्यादा पारदर्शी बनाना बताया था. ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किए गए थे.
संशोधित नियमों में परिवार की परिभाषा को भी काफी व्यापक किया गया है. अब आवेदक के पति या पत्नी, पिता, माता, बेटे और बेटियां परिवार में शामिल माने जाएंगे. परिवार का सिर्फ एक सदस्य NHB की योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता ले सकेगा और किसी एक सदस्य को सहायता मिलने के बाद उसी परिवार के दूसरे सदस्य को NHB की किसी अन्य योजना या घटक में सहायता नहीं मिलेगी.
नए नियमों में मौजूदा मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा सदस्य, विधायक, विधान परिषद सदस्य, नगर निगम के मेयर और जिला पंचायत अध्यक्षों को NHB की वित्तीय सहायता के लिए अपात्र कर दिया गया है. केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों तथा विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और स्थानीय निकायों के सेवारत कर्मचारियों को भी योजना से बाहर रखा गया है, हालांकि MTS, Class-IV और Group-D कर्मचारी इसके अपवाद हैं.
यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को खीरे की खेती के प्रोजेक्ट के लिए NHB की Scheme No. 1 के तहत करीब 99 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने की जानकारी सामने आई. यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के प्रशासनिक दायरे में आती है. बाद में चौधरी ने सब्सिडी की रकम वापस कर दी और केंद्र सरकार ने लोकसभा में भी इसकी जानकारी दी.
इसी योजना के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार के परिवार के सदस्यों के लाभ लेने की जानकारी भी सामने आई थी. उनकी पत्नी, मां और बेटे ने Scheme No. 1 के तहत सहायता ली थी. इसके बाद 21 अगस्त को किए गए संशोधन में परिवार के सदस्यों को एक इकाई मानने और एक परिवार को केवल एक बार वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया.
21 अगस्त के सर्कुलर में पात्रता के अलावा वित्तीय सहायता की दरों और दूसरी शर्तों में भी संशोधन किया गया. कई प्रमुख घटकों के लिए सामान्य क्षेत्रों में सहायता दर 35 प्रतिशत और पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों, अनुसूचित क्षेत्रों और निर्दिष्ट केंद्र शासित प्रदेशों में 45 प्रतिशत रखी गई है. कोल्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए NHB से मिलने वाली अधिकतम सब्सिडी दो करोड़ रुपये तय की गई है.
NHB ने 21 अगस्त के सर्कुलर में कहा था कि सभी लंबित और जारी LoC/GoC आवेदन और सब्सिडी दावों को संशोधित प्रावधानों और सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुरूप मामले-दर-मामले आधार पर निपटाया जाएगा. अब नए आवेदन पर एक महीने की रोक के दौरान लंबित मामलों की जांच और ऑनलाइन व्यवस्था को संशोधित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
NHB की सब्सिडी व्यवस्था में अगस्त से सितंबर के बीच लगातार दो बड़े बदलाव हुए हैं. पहले 21 अगस्त को पात्रता और वित्तीय सहायता के नियमों में बदलाव किया गया और अब 4 सितंबर से Scheme No. 1 और Scheme No. 2 के नए GoC आवेदन एक महीने के लिए रोक दिए गए हैं. बोर्ड ने फिलहाल इस रोक को प्रशासनिक प्रक्रिया, लंबित मामलों की जांच और ऑनलाइन सिस्टम के अपडेट से जोड़ा है, जबकि नए आवेदन शुरू करने की तारीख बाद में अधिसूचित की जाएगी.
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