सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहतकर्नाटक के सूखा प्रभावित किसानों को बड़ी राहत की खबर हैं. दरअसल, कर्नाटक में सूखे से परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार ने राहत राशि जारी कर दी है. मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने गुरुवार को सूखा प्रभावित किसानों के लिए आर्थिक सहायता की पहली किस्त जारी की. इसके तहत पात्र किसानों को 2,500 रुपये दिए जाएंगे. राज्य सरकार ने कुल 5,000 रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है. बाकी 2,500 रुपये अगले तीन हफ्तों के भीतर जारी किए जाएंगे.
यह राहत उन किसानों को मिलेगी जिनकी फसलें सूखे के कारण बर्बाद हुई हैं. यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन के लिए दी जाएगी. उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि फिलहाल किसानों को पहली किस्त दी जा रही है. वहीं, केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के तहत सहायता मिलने के बाद बाकी राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.
राज्य सरकार ने किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए डिजिटल व्यवस्था भी तैयार की है. इसके तहत परिहारा पोर्टल, डिजिटल क्रॉप सर्वे और FRUITS पोर्टल को आपस में जोड़ा गया है. इनकी मदद से पात्र किसानों की पहचान की जाएगी. इसके बाद सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएगी. इससे किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही नए दस्तावेज जमा करने की जरूरत होगी.
इस साल मॉनसून के दौरान कर्नाटक में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है. इसी वजह से राज्य सरकार ने 226 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है. आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 30 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य 852 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 551 मिमी बारिश हुई. यानी बारिश में करीब 35 फीसदी की कमी दर्ज की गई. क्षेत्रवार देखें तो दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बारिश 41 फीसदी, उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 42 फीसदी, मलनाड क्षेत्र में 38 फीसदी और तटीय कर्नाटक में 28 फीसदी कम हुई. बारिश की कमी का सीधा असर खेती पर पड़ा है.
राज्य में इस खरीफ सीजन के दौरान 84.10 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन किसानों ने केवल 69.57 लाख हेक्टेयर में ही फसलें बोईं. इसके बाद राजस्व, कृषि और बागवानी विभागों के संयुक्त सर्वे में पता चला कि करीब 57.93 लाख हेक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं. यह कुल बोए गए क्षेत्र का 83.26 फीसदी है. सरकार के अनुमान के मुताबिक, सूखे की वजह से राज्य को करीब 62,481.88 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है. फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने केंद्र से NDRF के तहत 22,400.58 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मांगी है.
कर्नाटक सरकार ने केंद्र से मांगी गई सहायता राशि का अलग-अलग मदों में ब्योरा भी दिया है. इसमें फसल नुकसान की भरपाई के लिए 7,943.55 करोड़ रुपये, पीने के पानी की व्यवस्था के लिए 1,727 करोड़ रुपये और पशुधन की सुरक्षा के लिए 583.04 करोड़ रुपये मांगे गए हैं. इसके अलावा राज्य के 61.91 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका बचाने के लिए 12,146.99 करोड़ रुपये की सहायता मांगी गई है.
राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कई बार पत्र लिख चुके हैं. इन पत्रों के जरिए NDRF के नियमों में ढील देने और जल्द राहत राशि जारी करने की मांग की गई है. (ANI)
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today