महाराष्ट्र सीएम ने किसानों को आर्थिक मदद की दी जानकारीमहाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए राहत की खबर है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 4 नवंबर को बताया कि राज्य के 73 लाख किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये की शुरुआती राहत राशि पहुंचा दी गई है. सरकार ने दिवाली से पहले किसानों को यह आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था. जिन किसानों को अभी तक पैसा नहीं मिला है, उन्हें अगले दो दिनों में भुगतान किए जाने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि कुछ किसानों के भुगतान में देरी बैंक खातों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण हुई है. सरकार का लक्ष्य अगले दो दिनों में करीब 95 फीसदी पात्र किसानों तक सहायता राशि पहुंचाने का है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष किसानों के खातों में भी जल्द पैसा जमा करा दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सभी मंत्रियों ने किसानों के घर जाकर उनके साथ दिवाली मनाने का फैसला किया है.
इस साल कम बारिश के कारण महाराष्ट्र के बड़े हिस्से में सूखे जैसे हालात बने हैं. राज्य सरकार ने करीब 85 फीसदी क्षेत्र को सूखा प्रभावित घोषित किया है. किसानों को तत्काल राहत देने के लिए प्रति किसान 5,000 रुपये की अंतरिम सहायता देने का फैसला किया गया है. यह राशि किसानों को सूखे से पैदा हुई आर्थिक परेशानियों के बीच शुरुआती मदद के तौर पर दी जा रही है.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कर्जमाफी योजना को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बुधवार को 4.86 लाख किसानों के खातों में 4,764 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा मराठवाड़ा क्षेत्र का है, जहां करीब 2.76 लाख किसानों को इसका लाभ मिला है. अब तक राज्य में लगभग 21 लाख किसानों को कर्जमाफी का फायदा पहुंचाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि लाभार्थियों की सूची का सत्यापन जारी है और आगे भी पात्र किसानों को भुगतान किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने मराठवाड़ा क्षेत्र में पानी की उपलब्धता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस इलाके को वर्षों तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिल पाया. उन्होंने दावा किया कि महायुति सरकार ने मराठवाड़ा के लिए 7 टीएमसी पानी सुनिश्चित किया है. इस परियोजना का काम लगभग पूरा होने वाला है और जल्द ही पानी उपलब्ध होगा. इससे धाराशिव और बीड जिलों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र में जारी गन्ना किसानों के आंदोलन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और चीनी मिलों के बीच बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का प्रयास कर रही है. किसानों की मांग है कि चीनी मिलें सरकार की ओर से तय उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) से अधिक भुगतान करें.
फडणवीस ने बताया कि मंत्री हसन मुशरिफ़ को दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने किसानों से आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि इस विरोध प्रदर्शन से नुकसान भी किसानों को ही हो रहा है. (पीटीआई)
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today