राजस्थान में पीएम फसल बीमा योजना में 9 करोड़ का घोटाला, एसबीआई सालासर शाखा पर FIR दर्ज

राजस्थान में पीएम फसल बीमा योजना में 9 करोड़ का घोटाला, एसबीआई सालासर शाखा पर FIR दर्ज

राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 9 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के खुलासे के बाद एसबीआई की सालासर शाखा के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि फर्जी किसानों और अस्तित्वहीन जमीन के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी कर करोड़ों का क्लेम उठाने की तैयारी की गई.

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राजस्थान में पीएम फसल बीमा योजना में 9 करोड़ का घोटाला, एसबीआई सालासर शाखा पर FIR दर्जराजस्थान में फसल बीमा योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा

राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को  फसल बीमा योजना में बड़े घोटाले को उजागर किया था. उन्होंने एसबीआई की सालासर शाखा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किए गए घोटाले की बात उठाई थी. इसके बाद शनिवार को इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई. सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की फसलों के बीमा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. इस संबंध में दी गई रिपोर्ट के आधार पर गंभीर आपराधिक षड्यंत्र, राजकोषीय हानि और किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं. मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

फर्जी बीमा पॉलिसी से करोड़ों के क्लेम की तैयारी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सालासर शाखा, जिला चूरू के शाखा प्रबंधक उमेश कुमार सारस्वत, बैंक कर्मचारी भागीरथ नायक (फसल बीमा पॉलिसी जारीकर्ता) और अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने Agriculture Insurance Company of India Limited के अधिकारियों या प्रतिनिधियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी बीमा पॉलिसियां जारी कीं.

बज्जू तेजपुरा पटवार मंडल और ग्राम बज्जू खालसा (तहसील गजनेर, जिला बीकानेर) के अलग-अलग चकों—चक 11 एनबीएम 7-8 टीपीएम, 1, 2-3 टीपीएसएम, 6, 7, 8, 9 एनबीएम 6-7 एसडब्ल्यूएम, 3, 4, 5, 6 टीपीएम—की ऐसी भूमि का बीमा दिखाया गया, जो राजस्व अभिलेखों में अस्तित्व में ही नहीं पाई गई.

राजस्व रिकॉर्ड से नहीं हुआ मिलान

तहसीलदार गजनेर, जिला बीकानेर से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित किसानों के नाम, सर्वे नंबर, मुरब्बा और खसरा नंबरों का मूल राजस्व रिकॉर्ड से मिलान नहीं हुआ. इसके बावजूद सालासर शाखा द्वारा 71 कथित किसानों के नाम पर फर्जी कृषि भूमि दर्शाकर लगभग 13 लाख 51 हजार रुपये किसानों के प्रीमियम के रूप में जमा करवाए गए.

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार और भारत सरकार का अंश मिलाकर लगभग 15 लाख 76 हजार 348 रुपये राजकोष से जमा होना बताया गया है. इस प्रकार कुल क्लेम राशि लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.

किसानों को नहीं थी कोई जानकारी

जिन किसानों के नाम पर बीमा दर्शाया गया, उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी और न ही उनसे बीमित भूमि के कोई दस्तावेज लिए गए. इसके बाद गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया. इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के अंतर्गत अपराध पाया गया है. थाना सालासर में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

9 करोड़ का घोटाला उजागर

किरोड़ी लाला मीणा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 9 करोड़ का घोटाला सालासर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच में पकड़ा. 15 हजार फर्जी किसानों के नाम से बीमा कंपनी पर 9 करोड़ का क्लेम उठाने का आरोप लगा है. मंत्री ने कहा कि बैंक की मिलीभगत से बीकानेर के गजनेर में खेती की जमीन दिखा कर घोटाला हो रहा था. गजनेर में कोई किसान नहीं है. गड़बड़ी करने वालों ने यह भी नहीं देखा कि सब किसानों के नाम और पिता के नाम तक एक लिख लिए गए हैं.(शरत कुमार की रिपोर्ट)

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