किसान कर्जमाफी पर मंत्री ने दिया बयान (सांकेतिक तस्वीर)महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026 (फसल लोन माफी योजना) को लेकर किसानों को आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि योजना के दायरे में आने वाले हर पात्र किसान को सरकार की ओर से घोषित राहत का पूरा फायदा मिलेगा. किसानों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार चरणबद्ध तरीके से सभी लाभार्थियों तक योजना पहुंचा रही है. मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि अगर किसी किसान के लोन खाते में शुरुआती दौर में पूरी राशि जमा नहीं दिखती है तो घबराने की जरूरत नहीं है.
सरकार और नेशनलाइज्ड बैंकों के बीच हुए समझौते के अनुसार बाकी पात्र राशि का समायोजन (एडजस्टमेंट) भी किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई नेशनलाइज्ड बैंक किसानों को गलत जानकारी देता है या उन्हें गुमराह करता है तो राज्य सरकार उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेगी.
कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण में करीब 31 लाख किसानों को शामिल किया गया है. इनमें से फिलहाल लगभग 16 से 17 लाख किसानों के लिए लाभ जारी करने की प्रक्रिया चल रही है. सरकार की प्राथमिकता पहले उन किसानों को राहत देने की है जिन पर 2 लाख रुपये तक का फसल लोन बकाया है. इसके बाद वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत 2 लाख रुपये से ज्यादा लोन वाले किसानों और फिर नियमित रूप से लोन चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
कृषि मंत्री ने बताया कि अब तक करीब 5 लाख किसानों ने अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है. इससे उनके खातों में सहायता राशि जारी करने में कोई बाधा नहीं रहेगी. उन्होंने कहा कि पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याएं और किसानों की गलतफहमियां दूर होने के साथ हर दिन ई-केवाईसी कराने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है.
मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की फसल लाेन माफी योजना के तहत 56 लाख किसानों को लाभ पहुंचाना है. उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों के नाम या पात्रता सूची में किसी प्रकार की गलती है, उन्हें सुधारा जाएगा और 2 लाख रुपये तक के पात्र फसल लोन वाले किसानों पर किसी तरह का भुगतान का बोझ नहीं डाला जाएगा.
मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि आने वाले वर्षों में किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना जरूरी है. अगर किसान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों और आधुनिक खेती के तरीकों का इस्तेमाल करेंगे तो उत्पादन बढ़ेगा और उन्हें बाजार में बेहतर अवसर भी मिलेंगे.
गौरतलब है कि इसी महीने महाराष्ट्र कैबिनेट ने फसल लोन माफी योजना में अहम बदलावों को मंजूरी दी थी. सरकार ने पात्रता से जुड़ी कुछ प्रमुख शर्तों में ढील दी है. इनमें वर्ष 2019 की लोन माफी योजना से जुड़े लाभार्थियों पर लागू 50 हजार रुपये की लिमिट जैसी शर्त को भी हटाया गया है. इससे पहले की तुलना में अधिक किसानों को योजना का फायदा मिलने की उम्मीद है. (पीटीआई)
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