हिमाचल के मंडी में ऑफ सीजन फसलों की खेती तेजी से बढ़ रही हैखरीफ सीजन को लेकर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला कृषि विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं. किसानों तक समय पर मक्की और अन्य बीज उपलब्ध हो सके, इसके लिए विभाग ने विकास खंडों को बीज मुहैया करवा दिया है. कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मंडी में करीब एक लाख 55 हजार किसान परिवार रहते हैं जिनमें से अधिकांश किसान अब बेमौसमी फसलों की खेती कर कमाई कर रहे हैं. इसमें किसान मटर, राजमा, गोभी, फूलगोभी और मूली जैसी फसल उगाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. किसानों की ये फसलें हाथोंहाथ बिक जाती हैं और नकदी तुरंत मिल जाता है. इससे किसान बेमौसमी फसलों की तरफ अधिक से अधिक रुझान बढ़ा रहे हैं. इस रुझान को देखते हुए कृषि विभाग भी बड़ी तैयारी कर रहा है और किसानों को बीज आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
मंडी जिला कृषि विभाग ने बताया है कि चार हजार क्विंटल मक्की का बीज इस बार किसानों को मुहैया मुहैया करवाया गया है जिसे किसान विक्रय केंद्रों से खरीद सकते हैं. यही नहीं, धान और चारे का बीज भी आसानी से इन विक्रय केंद्रों में मिलेगा.
मंडी जिला में इन दिनों किसान रबी की फसल की कटाई में व्यस्त है. हालांकि बारिश इस काम में बाधा डाल रही है, फिर भी किसान मेहनत करने से पीछे नहीं हट रहा. रबी की फसल की कटाई के बाद ही किसान अपने खेतों में खरीफ की फसल की बिजाई करेगा. खरीफ सीजन को लेकर कृषि विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है.
किसानों को समय पर मक्की और अन्य बीज उपलब्ध हो सके, इसके लिए विभाग ने विकास खंडों को बीज मुहैया करवा दिया है. कृषि उप निदेशक मंडी राजेश डोगरा ने बताया कि जिला मंडी में एक लाख 55 हजार किसान परिवार हैं जो 91 हजार हेक्टेयर में खेती करते हैं. मक्की की फसल 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर होती है जिसके लिए चार हजार क्विंटल मक्की का बीज सभी विकास खंडों में भेज दिया गया है और 60 विक्रय केंद्र के माध्यम से किसानों को यह बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है.
ये भी पढ़ें: Himachal News: मंडी के किसानों को 17 करोड़ से अधिक का नुकसान, बारिश ने चौपट की कई फसलें
राजेश डोगरा ने बताया कि मंडी जिला में धान की फसल 19 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में उगाई जाती है जिसके लिए 700 क्विंटल बीज विभिन्न विकास खंडों को मुहैया करवा दिया गया है. वही अगर चारे के बीज की बात की जाए तो 4500 क्विंटल बीज के साथ-साथ अन्य बीज भी कृषि विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध हैं जिसे किसान असानी से खरीद सकता है.
मंडी के कृषि उप निदेशक मंडी डोगरा ने बताया कि मंडी जिला का किसान अब ऑफ सीजन की खेती की ओर बढ़ रहा है. सदर के पनारसा में मटर की खेती की जा रही है तो जोगिंद्रनगर के छोटा भंगल में राजमा, आलू, फूल गोभी, गोभी, मूली, धनिया की फसल तैयार की जा रही है जिससे किसानों को फायदा पहुंच रहा है. इतना ही नहीं, राजेश डोगरा ने किसानों से आग्रह किया है कि कृषि औजार, बीज, दवाइयां विभाग के विक्रय केंद्र से लें. अगर किसी तरह की कोई समस्या आती है तो कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय में संपर्क करें.
दूसरी ओर, आसमान से बरस रही आफत से नुकसान का आकड़ा भी बढ़ रहा है. बेमौसम हो रही बरसात से मंडी जिले को करोड़ों का नुकसान हुआ है. कुल मिलकार मंडी में मार्च से लेकर अब तक 28 करोड़ 34 लाख का नुकसान हो चुका है. इस नुकसान में लोक निमार्ण विभाग, बिजली, पानी और कृषि विभाग शामिल हैं. सबसे ज्यादा नुकसान कृषि के क्षेत्र में हुआ है.
मंडी जिले में हर रोज हो रही बेमौसमी बारिश ना केवल फसलों को नुकसान पहुंचा रही है बल्कि गुठलीदार फलों को भी हानि हुई है. अधिक वर्षा से सड़कें बाधित हो रही हैं, साथ ही बिजली विभाग के ट्रांसर्फामरों को भी क्षति हुई है और पेयजल आपूति भी बाधित हो रही है. अगर मंडी की बात करें तो पिछले दो महीनों में अब तक 28 करोड़ 34 लाख का नुकसान हुआ है. बारिश से हुए नुकसान की अधिक जानकारी देते हुए एडीएम मंडी अश्वनी कुमार ने बताया कि पिछले दो महीने में हुई बारिश से अब तक जिले में 20 मकान गिरने से 88 लाख और 18 गौशाला को हानि पहुंचने से 23 लाख का नुकसान हुआ है.
ये भी पढ़ें: चंडीगढ़ को मिली सबसे बड़ी गौशाला, एक हजार मवेशियों को रखने की है क्षमता
अश्विनी कुमार ने बताया कि बिजली विभाग को 19 लाख, लोक निर्माण विभाग को दो करोड़ पांच लाख, जल शक्ति विभाग को लगभग 24 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. कृषि विभाग को करीब 17 करोड़ और बागवानी विभाग को सात करोड 43 लाख का नुकसान हुआ है. एडीएम मंडी ने बताया कि मौसम विभाग के द्वारा अलर्ट जारी होने पर विभाग पूरी तरह से कोशिश करता है कि लोगों को सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलती रहें. बता दें कि बेमौसमी बारिश से मंडी जिला में मार्च से लेकर अब तक 28 करोड़ 34 लाख का नुकसान हुआ है. अगर बारिश आगामी दिनों में भी ऐसी जारी रहती है तो नुकसान का यह आकंड़ा और बढ़ सकता है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today