बिहार की मह‍िलाओं के लिए खुशखबरी: बचत पर ज्‍यादा रिटर्न, व्‍यवसाय के लिए मिलेगा सस्‍ता लोन, पढ़ें योजनाओं की डिटेल

बिहार की मह‍िलाओं के लिए खुशखबरी: बचत पर ज्‍यादा रिटर्न, व्‍यवसाय के लिए मिलेगा सस्‍ता लोन, पढ़ें योजनाओं की डिटेल

बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सहकारिता विभाग ने नारी समृद्धि और नारी शक्ति स्वरोजगार योजना शुरू की है. इन योजनाओं के तहत महिलाओं को बचत पर बेहतर रिटर्न और स्वरोजगार के लिए सस्ती ब्याज दर पर लोन देने की तैयारी है.

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बिहार की मह‍िलाओं के लिए खुशखबरी: बचत पर ज्‍यादा रिटर्न, व्‍यवसाय के लिए मिलेगा सस्‍ता लोन, पढ़ें योजनाओं की डिटेलबिहार में महि‍लाओं के लिए नई योजनाएं (सांकेतिक तस्‍वीर)

बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहकारिता विभाग ने नई पहल शुरू की है. विभाग की ओर से नारी समृद्धि योजना और नारी शक्ति स्वरोजगार योजना लागू की गई हैं, जिनके जरिए महिलाओं को बचत पर बेहतर रिटर्न और स्वरोजगार के लिए सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

बचत पर मिलेगा ज्यादा फायदा

सहकारिता विभाग की नारी समृद्धि योजना का उद्देश्य महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत महिलाएं सहकारी बैंकों में अपनी जमा राशि सुरक्षित रख सकेंगी और उन्हें सामान्य खातों की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया जाएगा. विभाग का कहना है कि इससे महिलाओं को अपनी आय सुरक्षित रखने के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी. योजना खासतौर पर उन महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो छोटी बचत के जरिए भविष्य को मजबूत करना चाहती हैं.

महिला उद्यमियों को ब्याज में राहत

वहीं, "नारी शक्ति स्वरोजगार योजना" के जरिए महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने और उसका विस्तार करने में मदद दी जाएगी. योजना के तहत महिला उद्यमियों को लोन पर ब्याज दर में विशेष छूट देने का प्रावधान किया गया है. सहकारी बैंक महिलाओं को रियायती ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराएंगे, ताकि वे छोटे कारोबार, स्वरोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत कर सकें. सरकार को उम्मीद है कि इससे बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

ग्रामीण और शहरी महिलाओं पर रहेगा फोकस

दोनों योजनाओं का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. सहकारिता विभाग का मानना है कि महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ने से परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा. योजनाओं के जरिए महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है.

15 मई को हुआ था योजनाओं का शुभारंभ

राज्य के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने 15 मई को "नारी समृद्धि योजना" और "नारी शक्ति स्वरोजगार योजना" का औपचारिक शुभारंभ किया था. इसके बाद सहकारी बैंकों को योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. विभाग का कहना है कि आने वाले समय में इन योजनाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा.

योजनाओं का लाभ लेने की इच्छुक महिलाएं नजदीकी जिला केंद्रीय सहकारी बैंक या सहकारी बैंक शाखा से संपर्क कर सकती हैं. आवेदन प्रक्रिया, लोन की शर्तों और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी सहकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और बैंक शाखाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी.

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