बिहार राजस्व विभागबिहार में दोबारा एनडीए की सरकार बने हुए कुछ महीने बीत चुके हैं. वहीं, नए वर्ष के शुरुआती महीने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को सुदृढ़ करने के मकसद से बिहार के विभिन्न जिलों की समृद्धि यात्रा पर निकले हुए हैं. हालांकि, इस यात्रा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़ी किसी तरह की शिकायत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने न पड़े, इसको लेकर विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा काफी सक्रिय दिख रहे हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान आम जनता को भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिसको लेकर , यात्रा वाले जिलों में एक दिन पहले राजस्व मुख्यालय के 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की जा रही है.
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा जिन जिलों में होगी, उन जिलों में भूमि से जुड़े दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और भूमि विवाद के लंबित मामलों का युद्धस्तर पर, पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा. वहीं, यात्रा वाले जिलों में एक दिन पहले राजस्व मुख्यालय के 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है. जनता के कार्यों में लापरवाही, टालमटोल या नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान विभाग की ओर से प्रथम चरण में 22 जनवरी को सिवान, 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली जिले में विभाग के अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है. वहीं, दूसरे चरण के दौरान कार्यालय से आदेश जारी किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनियुक्त सभी 15 अधिकारियों के अंचलवार आवंटन का आदेश भी शीघ्र निर्गत किया जाएगा. वहीं, विभाग का यह सघन एक्शन प्लान प्रशासनिक स्तर पर भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सिवान, मुजफ्फरपुर और वैशाली में समृद्धि यात्रा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 15 विभागीय अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले अग्रिम दल (एडवांस पार्टी) के रूप में संबंधित जिले में योगदान देंगे और अंचलों में चल रहे कार्यों का सूक्ष्म पर्यवेक्षण करेंगे.
यह पूरी प्रक्रिया विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित होगी. प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी को एक या दो अंचलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जहां वे अंचल अधिकारियों के कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे. लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भूमि विवाद से जुड़े मामलों को सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
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